नई दिल्ली: भीषण गर्मी के चलते मौसम विभाग ने राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के चुरू में पारा 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। भीषण गर्मी की तपिश झेल रहे देशवासियों को अगले कुछ दिनों तक लू से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
छह महीने बाद रोहतांग दर्रे को आम जनता के लिए खोल दिया गया। काफी संख्या में आज सैलानियों ने यहां के मौसम का लुत्फ उठाया। इसके अलावा राहनीनाला से रोहतांग तक सड़क के दोनों ओर खड़ी 25-30 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों के बीच गुजरना भी पर्यटकों के लिए रोमांचक रहा।
आपको बता दें कि रोहतांग दर्रा ग्रीष्मकाल में यानी मई से जून तक खुला रहता है। इस दौरान यहां भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। जुलाई, अगस्त में भूस्खलन के कारण रोहतांग दर्रा बंद हो जाता है। फिर यह मानसून खत्म होने के बाद यानी सितंबर से अक्टूबर तक खुला रहता है। रविवार को रोहतांग दर्रे की साप्ताहिक बंदी होती है जबकि मंगलवार को यह पर्यटकों के लिए बंद रहता है। रोहतांग दर्रा सुबह 6 बजे खुलता है और शाम 5 बजे बंद हो जाता है।
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रोहतांग दर्रा के आसपास घूमने की जगह
आपको बता दें कि मनाली से रोहतांग दर्रा करीब 51 किमी दूर है लेकिन रोहतांग दर्रा जाने के मार्ग में और रोहतांग दर्रा के करीब घूमने के लिए कई जगहें हैं। यदि आप इस दर्रा को देखने के लिए जाने वाले हैं तो आसपास की भी जगहों को जरूर घूम लेना चाहिए।
सोलंग वैली
यह घाटी रोहतांग दर्रे से बेहद नजदीक है और सर्दियों में बर्फबारी के दौरान स्कीइंग, पैराशूटिंग, जोरबिंग, घुड़सवारी के लिए प्रसिद्ध है। रोहतांग दर्रा जाने वाले पर्यटक यह स्थल जरूर देखते हैं।
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रेहला वाटर फॉल
यह जलप्रपात मनाली से रोहतांग दर्रा आने वाले मार्ग के बीच में है। इस झरने की सुंदरता 2500 मीटर की ऊंचाई से लुभावनी लगती है जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
चंद्र और भागा नदियां
रोहतांग दर्रे के पास इन दोनों नदियों का संगम है। संगम के बाद इन्हें चिनाब के रूप में जाना जाता है जो एक एक आश्चर्यजनक दृश्य प्रस्तुत करता है और देखने लायक होता है।