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Hindi News मध्य-प्रदेश 'अग्निवीर' बनने का सपना रह गया अधूरा, दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने से 2 सगे भाइयों की मौत

'अग्निवीर' बनने का सपना रह गया अधूरा, दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने से 2 सगे भाइयों की मौत

दोनों भाइयों की एक-एक कर एक जैसी ही परिस्थितियों में हुई मौत घर वालों के लिए पहेली बनी हुई है। वह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर दोनों भाइयों की एक जैसे हालातों में कैसे मौत हुई है।

agniveer bharti- India TV Hindi Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE अग्निवीर भर्ती

बैतूल/भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेना में अग्निवीर में भर्ती के लिए आए बैतूल जिले के दो सगे भाइयों की दौड़ लगाने के बाद तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। बताया गया है कि ग्राम दियामहू के कृषक प्रयागनाथ के दो बेटे रूपेंद्र, अंकित एक बेटी मोनिका है। दोनों बेटों को आर्मी में जाने का जुनून था और इसके लिए वह तैयारियां भी काफी दिनों से कर रहे थे। भोपाल में अग्निवीरों की भर्ती के लिए आयोजित भर्ती रैली में हिस्सा लेने रूपेश और अंकित पहुंचे।

बताया गया है कि रूपेंद्र 29 अक्टूबर को सेना में भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण और दौड़ प्रतियोगिता में शामिल भी हुआ। लेकिन, दौड़ के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। वह दौड़ के बाद बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे पहले भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे परिजन बैतूल लेकर आ गए। यहां उसे बैतूल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 5 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।

बड़े भाई के जैसे ही छोटे भाई की तबीयत बिगड़ी
बड़े भाई रूपेंद्र की तरह अंकित भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारियां कर रहा था। वह सेकंड इयर का छात्र था। एनसीसी कैंप में रहकर वह सेना में जाने की तैयारियां कर रहा था। उसने आईटीआई की परीक्षा भी पास की थी। रूपेंद्र की चार नवम्बर को हुई मौत के पहले अंकित तीन तारीख को सेना में भर्ती रैली में शामिल हुआ था। यहां भर्ती के दौरान दौड़ प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद उसकी भी वैसी ही तबीयत बिगड़ी जैसी बड़े भाई रूपेंद्र की बिगड़ी थी। परिजन उसे भी लेकर बैतूल पहुंचे, जहां से उसे नागपुर के एक निजी अस्पताल में रैफर कर दिया गया। नागपुर के एक निजी अस्पताल में चार दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए आखिर अंकित ने भी दम तोड़ दिया।

'एक जैसी ही परिस्थितियों में हुई मौत बनी हुई है पहेली'
दोनों भाइयों की एक-एक कर एक जैसी ही परिस्थितियों में हुई मौत घर वालों के लिए पहेली बनी हुई है। वह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर दोनों भाइयों की एक जैसे हालातों में कैसे मौत हुई है। घर के दोनों चिरागों के अचानक जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बैतूल में हुई रूपेंद्र की मौत के बाद डॉक्टर भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उसकी मौत की वजह क्या है? बैतूल के रूपेंद्र का इलाज करने वाले डॉ योगेश पंडाग्रे ने बताया कि रूपेंद्र की दोनों किडनी खराब हो चुकी थीं। उसके लीवर में भी सूजन थी, और फेफड़ों में पानी भरने लगा था। दोनों को सिकल सेल एनीमिया की बीमारी थी। दोनों युवकों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया जिसकी वजह से उनकी मौत की असली वजह सामने नहीं आ सकी है।

स्टैमिना बूस्टर दवा लेने की आशंका
उन्होंने आशंका जताई है कि हो सकता है दोनों भाई सेना में भर्ती होने के लिए कोई स्टैमिना बूस्टर दवा लेते होंगे। जिसके ओवर डोज की वजह से भी उनकी मौत हो सकती है। दूसरी वजह दौड़ के दौरान थकान और मसल्स डैमेज होना भी कारण हो सकता है। उसके कुछ ब्लड सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं।

दोनों भाइयों की मौत के बाद अब इकलौती बहन मोनिका ही घर में बची है। वह जॉब के सिलसिले में हैदराबाद गई हुई थी। उसे जैसे ही भाइयों की मौत का पता चला वह बैतूल लौट आई।