1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. Madhya Pradesh News: बाल विवाह से बचने के लिए 15 साल की लड़की हल्दी की रस्म से पहले घर से भागी

Madhya Pradesh News: बाल विवाह से बचने के लिए 15 साल की लड़की हल्दी की रस्म से पहले घर से भागी

बालिका वधू बनने से बची 15 वर्षीय लड़की से बातचीत के बाद उसे शहर के एक आश्रय स्थल भेजा गया है। लड़की के पिता के निधन के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और तब से वह अपने मामा के एक मकान में अकेली रह रही थी।

Child Marriage- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE Child Marriage

Highlights

  • 30 वर्ष के वर के साथ जबरन हो रहा था बाल विवाह
  • लड़की से बातचीत के बाद उसे एक आश्रय स्थल भेजा गया है

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के इंदौर में 15 वर्षीय लड़की बुधवार को हल्दी की रस्म से ऐन पहले घर से भाग गई और स्थानीय प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई कि दोगुनी उम्र के शख्स के साथ उसका जबरन बाल विवाह कराया जा रहा है। बाल विवाह के खिलाफ महिला और बाल विकास विभाग के गठित उड़नदस्ते के प्रभारी महेंद्र पाठक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘हल्दी की रस्म से ऐन पहले घर से भागने के बाद नाबालिग लड़की ने हमें बताया कि उसका मामा 30 वर्ष के वर के साथ उसका जबरन बाल विवाह करा रहा है। हमने लड़की के मामा को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर उसका बाल विवाह रुकवा दिया।’’

पाठक ने बताया कि बालिका वधू बनने से बची 15 वर्षीय लड़की से बातचीत के बाद उसे शहर के एक आश्रय स्थल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता के निधन के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और तब से वह अपने मामा के एक मकान में अकेली रह रही थी। पाठक के मुताबिक वर पक्ष का दावा है कि लड़की के मामा ने उसे वधू की उम्र 21 वर्ष बताई थी।

गौरतलब है कि देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम आयु की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है।