तो BMC में बन सकता है उद्धव की शिवसेना का मेयर, समझें 'भगवान की मर्जी' वाले बयान का मतलब
BMC चुनाव भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन की जीत हुई है। हालांकि, एक समीकरण ऐसा भी है जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी का मेयर भी बन सकता है। शायद इसी कारण उद्धव की पार्टी ने 'भगवान की मर्जी' वाला बयान दिया है।

Reported By : Sachin Chaudhary,
Edited By : Subhash Kumar,
Published : Jan 20, 2026 06:24 am IST, Updated : Jan 20, 2026 06:44 am IST मुंबई महानगरपालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका के मेयर पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भले ही संख्याबल में महायुति (बीजेपी + शिंदे शिवसेना) आगे दिख रही हो, फिर भी उद्धव ठाकरे ने यह कहकर सबका ध्यान खींच लिया कि “भगवान की मर्जी होगी तो हमारी पार्टी का मेयर बनेगा।” सवाल उठता है जब बहुमत महायुति के पास है, तब भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) का मेयर कैसे बन सकता है?
आंकड़ों की तस्वीर
आपको बता दें कि 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है।
• उद्धव ठाकरे शिवसेना + मनसे : 71 पार्षद
• बीजेपी + शिंदे शिवसेना (महायुति) : 118 पार्षद
यानी महायुति बहुमत से 4 सीट ज्यादा है, फिर भी टेंशन बनी हुई है।
असली ट्विस्ट: मेयर पद की आरक्षण लॉटरी
गुरुवार 22 जनवरी को बीएमसी के मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसी लॉटरी पर पूरा खेल टिका है। पिछली बार मेयर पद ओपन (जनरल) कैटेगरी से था। रोटेशन पद्धति के अनुसार इस बार ओपन कैटेगरी नहीं होगी। इस बार लॉटरी इन कैटेगरी में से किसी एक की निकलेगी:
1. SC महिला / SC पुरुष
2. OBC महिला / OBC पुरुष
3. ST महिला / ST पुरुष
ST कैटेगरी में पलट सकता है खेल
SC या OBC कैटेगरी आई तो महायुति मजबूत है। अगर लॉटरी SC या OBC कैटेगरी से निकलती है, तो बीजेपी और शिंदे शिवसेना को ज्यादा परेशानी नहीं है, क्योंकि इन वर्गों में उनके पार्षद जीतकर आए हैं। लेकिन ST कैटेगरी में खेल पलट सकता है। असली सस्पेंस ST (आदिवासी) कैटेगरी को लेकर है। पूरे मुंबई में ST कैटेगरी की सिर्फ 2 सीटें हैं:
• वार्ड 53: जितेंद्र वलवी (उद्धव शिवसेना)
• वार्ड 121: प्रियदर्शनी ठाकरे (उद्धव शिवसेना)
इन दोनों सीटों पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने शिंदे शिवसेना को हराया है। ST कैटेगरी में महायुति का एक भी पार्षद नहीं है।
ST लॉटरी निकली तो क्या होगा?
अगर मेयर पद की लॉटरी ST महिला या ST पुरुष कैटेगरी से निकलती है, तो:
• मेयर पद के लिए केवल उद्धव शिवसेना के ही उम्मीदवार पात्र होंगे
• बीजेपी और शिंदे शिवसेना के पास इस कैटेगरी में कोई चेहरा नहीं होगा
ऐसी स्थिति में महायुति के सामने दो ही रास्ते होंगे:
1. दो-तिहाई बहुमत जुटाकर तोड़फोड़ करें, और ST कैटेगरी का पार्षद अपने पाले में लें
2. या फिर मेयर पद उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पास जाने दें
तभी आया “भगवान की मर्जी” वाला बयान
यही वजह है कि उद्धव ठाकरे ने कहा- “भगवान की मर्जी होगी तो हमारी पार्टी का मेयर बनेगा।” क्योंकि अब सब कुछ टिका है 22 जनवरी की आरक्षण लॉटरी पर।
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