कोरोना के चलते मुश्किल में छोटे उद्योग, मार्च तिमाही में MSME क्षेत्र में फंसा कर्ज बढ़कर 12.6 प्रतिशत पहुंचा
कोरोना के चलते मुश्किल में छोटे उद्योग, मार्च तिमाही में MSME क्षेत्र में फंसा कर्ज बढ़कर 12.6 प्रतिशत पहुंचा
India TV Paisa Desk
Published : Jul 29, 2021 09:08 am IST, Updated : Jul 29, 2021 09:08 am IST
सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में गैर-निïष्पादित परिसंपत्ति यानी फंसा मार्च तिमाही में बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गया।
Image Source : PIXABAYछोटे उद्योगों ने बढ़ाया बैंकों का संकट, मार्च तिमाही में MSME क्षेत्र में फंसा कर्ज बढ़कर 12.6% पहुंचा
मुंबई। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में गैर-निïष्पादित परिसंपत्ति यानी फंसा मार्च तिमाही में बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गया। इससे पूर्व दिसंबर तिमाही के अंत में यह 12 प्रतिशत था। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया। सार्वजनिक क्षेत्र की सिडबी (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) और कर्ज से जुड़ी सूचना देने वाली कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि एमएसएमई क्षेत्र में कर्ज के मामले में दबाव पाया गया है। एक साल पहले की तुलना में परिणाम मिले-जुले हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एमएसएमई क्षेत्र में कर्ज की मांग बढ़ी है। इसका श्रेण आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) जैसी योजनाओं को को जाता है। महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 में एमसएएमई को 9.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज दिये दिये गये जो एक साल पहले 6.8 लाख करोड़ रुपये था। इसमें कहा गया है कि कर्ज बढ़ने से एक साल पहले के 12.5 प्रतिशत के मुकाबले एनपीए स्तर स्थिर हुआ है।
कोरोना के कारण एनटीपीसी के प्रोजेक्ट में देरी
केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम एनटीपीसी और झारखंड बिजली वितरण निगम लि. की संयुक्त उद्यम पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लि. की 4,000 मेगावाट क्षमता की अत्याधुनिक तापीय बिजली परियोजना के क्रियान्वयन में कोविड-19 महामारी की वजह से देरी हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में एक साल की देरी हुई है और पहले चरण में 800-800 मेगावाट की तीन इकाइयों में से पहली इकाई के अगले साल के बजाए जुलाई 2023 तक चालू होने की संभावना है। यह परियोजना रामगढ़ के पतरातू में लगायी जा रही है।