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Hindi News राजस्थान पाकिस्तानी हिंदुओं का घर गिराए जाने के बाद IAS टीना डाबी का ये है खास प्लान, जैसलमेर में छाई खुशी की लहर

पाकिस्तानी हिंदुओं का घर गिराए जाने के बाद IAS टीना डाबी का ये है खास प्लान, जैसलमेर में छाई खुशी की लहर

पाक विस्थापितों हटाने पर आपत्ति जताए जाने के बाद कलेक्टर ने उनके लिए मुफ्त में भोजन, पानी और आवास की व्यवस्था भी की। ये शरणार्थी अभी रैन बसेरा में रह रहे हैं।

tina dabi- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO कलेक्टर टीना डाबी ने पाकिस्तानी हिंदुओं से किया वादा निभाया

जयपुर: राजस्थान के जैसलमेर के मूल सागर गांव में सरकारी जमीन से विस्थापित हुए पाकिस्तान के हिंदू प्रवासियों से किया वादा जिला प्रशासन ने पूरा कर दिया है। प्रशासन ने उन्हें अब 40 बीघा जमीन देने की घोषणा की है। कुछ पाकिस्तानी प्रवासी अपने रिश्तेदारों के साथ सरकारी जमीन पर बने अस्थायी घरों में रह रहे थे, जिन्हें हाल ही में हटा दिया गया। बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस के नेताओं ने भी इस कदम का विरोध किया। इसके बाद जिलाधिकारी टीना डाबी ने इन प्रवासियों के लिए 40 बीघा सरकारी जमीन आवंटित करने का फैसला किया। हालांकि, यह जमीन केवल भारतीय नागरिकता वालों को ही मिलेगी।

टीना डाबी ने निभाया वादा
जैसलमेर में पिछले दिनों हिंदू प्रवासियों के अतिक्रमण हटाने के बाद हुए हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद अब उनके लिए जमीन चिह्नित कर वहां पर समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया हैं। कलेक्टर द्वारा एक हफ्ते में वादा पूरा करने पर पाक विस्थापितों में खुशी की लहर है। वहीं, एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर जिला कलेक्टर का धन्यवाद दे रहे हैं।

रैन बसेरा में बसे हुए हैं 50 परिवार
पार्टियों के नेताओं द्वारा पाक विस्थापितों को हटाने पर आपत्ति जताए जाने के बाद कलेक्टर ने उनके लिए मुफ्त में भोजन, पानी और आवास की व्यवस्था भी की। ये शरणार्थी अभी रैन बसेरा में रह रहे हैं। उनके लिए भोजन की व्यवस्था इंदिरा रसोई में जिला प्रशासन द्वारा की गई है। सभी 50 परिवार इस समय रैन बसेरा में बसे हुए हैं।

मूल सागर में नगरीय सुधार न्यास (यूआईटी) द्वारा भूमि आवंटन के बाद अब बहुत जल्द ये प्रवासी नए स्थान पर जाकर झोपड़ी बनाएंगे। नगर विकास न्यास के सचिव जगदीश आशिया ने बताया कि कलेक्टर टीना डाबी के आदेश पर पाक शरणार्थियों के लिए जगह चिन्हित कर सात दिन में वहीं बसाने के निर्देश दिए। उनकी देखरेख में पाक शरणार्थियों को साथ लेकर एक कमेटी का गठन किया गया। इसके बाद गांव में करीब 40 बीघा जमीन उनके लिए आरक्षित कर दी गई।

40 बीघा जमीन पर 250 परिवारों को बसाने की योजना
यूआईटी अधिकारी ने बताया कि करीब 40 बीघा जमीन पर 250 परिवारों को बसाने की योजना है। जिन लोगों को भारतीय नागरिकता मिली है, उन्हें यूआईटी लीज पर देगी। वहीं जिन लोगों को अभी तक नागरिकता नहीं मिली है, उनका रिकॉर्ड इसी जगह पर रखा जाएगा और उनकी नागरिकता के लिए प्रयास किए जाएंगे। नागरिकता मिलते ही उन्हें जमीन के पट्टे भी दे दिए जाएंगे। फिलहाल ये 50 परिवार नए स्थान पर अपना घर बना सकेंगे।