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Hindi News राजस्थान हरे नाखून, घुटती सांसें और साध्वी की चीख; प्रेम बाईसा केस में सेवादार के चौंकाने वाले खुलासे

हरे नाखून, घुटती सांसें और साध्वी की चीख; प्रेम बाईसा केस में सेवादार के चौंकाने वाले खुलासे

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब गहराता जा रहा है। इस मामले की जांच SIT कर रही है। इसमें सेवादार सुरेश ने पुलिस को जो जानकारी दी है वो चौंकाने वाली है।

sadhvi prem baisa- India TV Hindi Image Source : INSTAGRAM- SADHVI PREM BAISA साध्वी प्रेम बाईसा की फाइल फोटो।

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत अब भी एक पहेली बनी हुई है। 28 जनवरी को जोधपुर के आरती नगर आश्रम में हुए इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्वाभाविक मौत थी या फिर कुछ और, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। इस मामले में सेवादार सुरेश ने पुलिस को जो जानकारी दी है वो चौंकाने वाली है।

रविवार सुबह पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश पासवान घटनास्थल पर पहुंचे थे। SIT और एफएसएल की टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए आज वापस आश्रम पहुंची थीं। इस दौरान मौके पर सीन रिक्रिएट करवाया गया। इसके बाद SIT टीम ने साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ, मामा गंगाराम और आश्रम के केयरटेकर सुरेश से करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की है। 

सुरेश ने SIT को क्या बताया?

एसआईटी ने आश्रम में मौजूद रहे युवक सुरेश से पूछताछ की। उसने बताया कि साध्वी को उल्टी हुई थी ऐसे में गले में खाना फंस जाने की थ्योरी भी सामने आ रही है। सुरेश ने बताया कि घटना वाले दिन प्रेम बाईसा अजमेर से आई थीं। सुबह उनका गला खराब था। दोपहर में उन्होंने जुकाम के कारण काढ़ा पिया था। 28 जनवरी की शाम करीब 5 बजे साध्वी ने फोन कर बताया कि डॉक्टर आया है और गेट खोलने को कहा। गेट खोलने पर नर्सिंगकर्मी देवी सिंह वहां मौजूद था। देवी सिंह साध्वी के कमरे में गया। 

सुरेश ने बताया कि देवी सिंह 1-2 मिनट में कमरे से बाहर निकल गया। उसके जाने के चार-पांच मिनट बाद ही आश्रम में साध्वी की तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर मैं अपने कमरे से दौड़कर बाहर आया। तब तक साध्वी आश्रम के मुख्यद्वार के पास गिर चुकी थीं। उसी समय उनके पिता वीरमनाथ भी मौके पर पहुंचे। पिता ने कार स्टार्ट की और मैंने साध्वी को उठाकर कार में लिटाया।

सुरेश के अनुसार, रास्ते में साध्वी की सांसें अटकने लगीं। उनके नाखून हरे हो गए थे। सुरेश ने CPR देने का की कोशिश की। उस दौरान साध्वी कह रही थीं कि पापा मुझे न्याय दिला देना। साध्वी को पाल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

साध्वी को लगाए थे 2 इंजेक्शन

बता दें कि मौत वाले दिन सुबह साध्वी प्रेम बाईसा के लिए खाना सेवादार सुरेश ने ही बनाया था। इसी को ध्यान में रखते हुए फॉरेंसिक टीम ने आश्रम से खाने के सैंपल लिए हैं। इस मामले में सबसे अहम पहलू साध्वी को लगाया गया इंजेक्शन भी है। पुलिस की पूछताछ में देवी सिंह ने स्वीकार किया है कि उसने साध्वी को दो इंजेक्शन लगाए थे। 

इंस्टा पर पोस्ट किया सुसाइड नोट

साध्वी की मृत्यु के बाद बुधवार शाम को उनके ऑफिशियल 'इंस्टाग्राम हैंडल' पर पोस्ट किए गए एक सुसाइड नोट से उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।

जहर और इजेक्शन के इंफेक्शन को लेकर भी अलग थ्योरी चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं होने के बाद अब विसरा सुरक्षित किया गया है। मेडिकल सूत्रों से मिली जानकारी ने इस मामले में जहर की आशंका और दवाओं के गलत इस्तेमाल के एंगल को हवा दे दी है।

साध्वी की छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल मिलीं

पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल टीम को साध्वी की छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में जहर जाने की स्थिति में अक्सर आंतें इस तरह की प्रतिक्रिया देती हैं। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शरीर में कोई विषाक्त पदार्थ था या नहीं। पुलिस अब इस बात की भी कड़ियां जोड़ रही है कि क्या दवाओं के ओवरडोज या गलत कॉम्बिनेशन की वजह से स्थिति बिगड़ी। पुलिस अब इस एंगल पर भी काम कर रही है कि यदि शरीर में जहर पहुंचा, तो वह खुद से लिया गया या किसी गलती का परिणाम था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट ही इस रहस्यमयी मौत के पीछे का सच सामने लाएगी।

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