राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को आज उनके पैतृक गांव परेऊ (जिला बालोतरा) में पूरे विधि-विधान के साथ समाधि दी गई। साध्वी के निधन के बाद से ही गांव परेऊ में शोक और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
साध्वी प्रेम बाईसा का पार्थिव शरीर बुधवार को जोधपुर से परेऊ लाया गया था। गुरुवार को पोस्टमार्टम के दौरान विवाद की स्थिति भी बनी, हालांकि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को संभाल लिया गया। शुक्रवार को परेऊ गांव में समाधि की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। फिलहाल जोधपुर आश्रम में पुलिस ने साध्वी का कमरा सील कर दिया है।
5 साल की उम्र में हुआ था मां का निधन
स्थानीय लोगों के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन संघर्ष, भक्ति और साधना से भरा रहा। महज 5 वर्ष की उम्र में मां के निधन के बाद वे परिवार सहित जोधपुर के आश्रम में रहने लगीं। संतों के सान्निध्य में रहते हुए उन्होंने कथा-वाचन और भजन गायन में विशेष पहचान बनाई। 12 वर्ष की उम्र में पहली कथा करने के बाद धीरे-धीरे उनकी ख्याति बढ़ती चली गई।
प्रशासन ने समाधि स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। गांव परेऊ में आज साध्वी प्रेम बाईसा को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
साध्वी को पैतृक गांव में समाधि दी गई, देखें वीडियो-
साध्वी की मृत्यु बनी रहस्य
बता दें कि कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत अब भी एक पहेली बनी हुई है। जोधपुर के आरती नगर आश्रम में हुए इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 जनवरी को अजमेर से कथा पूरी कर जोधपुर के आरती नगर आश्रम लौटीं धार्मिक उपदेशक को अगले दिन बुखार आ गया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी 'बुखार' के उपचार के दौरान कथित तौर पर 'अचेत' होने के बाद मौत हो गई जिसके बाद श्रद्धालु आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अचानक और 'संदिग्ध मृत्यु' की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इंस्टा पर पोस्ट किया सुसाइड नोट
साध्वी की मृत्यु के बाद बुधवार शाम को उनके ऑफिशियल 'इंस्टाग्राम हैंडल' पर पोस्ट किए गए एक सुसाइड नोट से उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। ACP-पश्चिम छवि शर्मा ने बताया कि 25 वर्षीय साध्वी को उसके पिता और एक युवक शाम करीब छह बजे कार में एक प्राइवेट अस्पताल लेकर आए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने साध्वी को मृत घोषित कर दिया।
साध्वी ने आश्रम में ही दवाइयां ली थीं- पुलिस
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि साध्वी को बुखार था और इंजेक्शन लगाने के लिए आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। पुलिस ने बताया कि साध्वी ने आश्रम में ही दवाइयां ली थीं। साध्वी की मृत्यु की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम में एकत्रित हो गए। उन्होंने नारेबाजी की और साध्वी की 'अचानक और संदिग्ध मृत्यु' की निष्पक्ष जांच की मांग की। साध्वी ने इंस्टाग्राम पर अपने आखिरी पोस्ट में एक 'अग्निपरीक्षा' का जिक्र किया, और कहा कि उन्हें अपनी मृत्यु के बाद 'न्याय' की उम्मीद है।
साध्वी ने लगभग 6 महीने पहले पुलिस से संपर्क किया था और आरोप लगाया था कि उनके कुछ कर्मचारियों द्वारा 'छेड़छाड़ किए गए' एक वीडियो को लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। उन्होंने कथित तौर पर "चरित्रहनन" किए जाने और वीडियो के लिए 20 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया था।
(रिपोर्ट- कन्हैयालाल डलोरा)
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