कंपाला: अमेरिका डीप स्टेट का शातिर खिलाड़ी बन रहा है। यह आरोप हम नहीं लगा रहे, बल्कि कई देशों की तरफ से लगाया जा चुका है। बांग्लादेश और वेनेजुएला जैसे देश अमेरिका पर ये आरोप लगा चुके हैं। अब ताजा आरोप यूगांडा के सेना के प्रमुख ने अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों पर लगाया है। यूगांडा की सेना का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी छुपे हुए विपक्षी नेता बोबी वाइन की मदद कर रहे हैं। ताकि यूगांडा में तख्तापलट किया जा सके। इस घटना ने यूगांडा में विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव के बाद यूगांडावासियों को चिंतित कर दिया है और साथ ही राजनीतिक तनाव भी बढ़ा दिया है।
अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों पर आरोप
यूगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे जनरल मुहूजी कैनरुगाबा और संभावित उत्तराधिकारी ने X पर लिखा कि दूतावास के “कल्पनाहीन नौकरशाह” वर्षों से यूगांडा और वाशिंगटन के बीच सुरक्षा संबंधों को “कमजोर” कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को X पोस्ट्स में खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वाइन ने “खुद को अगवा कर लिया है और गायब हैं”...जबकि यह “हमारे देश में अमेरिकी दूतावास की वर्तमान प्रशासन के साथ समन्वय में” किया गया है। इन आरोपों पर अमेरिकी दूतावास ने कोई टिप्पणी नहीं की। वाइन का असली नाम क्यागुलानी सेंटामू है। वह गत 15 जनवरी को हुए चुनाव में मुसेवेनी के खिलाफ उतरे सात उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख थे। मतदान के कुछ दिनों बाद वह यह कहते हुए छुप गए कि उन्हें अपनी सुरक्षा की आशंका है। उन्होंने सुरक्षा के कारण फ्लैक जैकेट और हेलमेट पहनकर चुनाव प्रचार किया था।
वाइन के साथ अमेरिका कर रहा साजिश
यूगांडा का आरोप है कि अमेरिका वाइन की मदद कर रहा है। वाइन ने तब से खुद को छुपा कर यूगांडा के विभिन्न इलाकों में वीडियो पोस्ट किए हैं, जिसमें वे खुद पर हुए अन्याय की शिकायत करते हैं और सेना को ताने मारते हैं कि वे उन्हें नहीं ढूंढ पा रही है। हाल की एक पोस्ट में उन्होंने मध्य यूगांडा के दूरस्थ इलाके में पारिवारिक कब्रिस्तान की यात्रा के बाद पोस्ट किया। कैनरुगाबा ने अपनी नवीनतम X पोस्ट्स में कहा कि वाइन को जिंदा या मुर्दा पकड़ना चाहते हैं, जिससे यूगांडावासियों में व्यापक चिंता फैल गई है कि वाइन को नुकसान पहुंचाने से अशांति फैल सकती है। वाइन के शहरी युवाओं में बड़े समर्थक हैं, जिनमें से कई बेरोजगार हैं या सरकारी भ्रष्टाचार और आर्थिक अवसरों की कमी से नाराज हैं। कई लोग चार दशकों से एक ही नेता के बाद राजनीतिक बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से कबोबी को खोज रहे हैं। “वह जिंदा या मुर्दा चाहिए! इसमें जितना समय लगे, हम उसे पकड़ लेंगे।”
अमेरिका को दी चेतावनी
यूगांडा के सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि “विदेशी ताकतें जो कबोबी को देश से बाहर तस्करी(ले जाने) करने की कोशिश करेंगी” उन्हें संबंधों में दरार का सामना करना पड़ेगा। 43 वर्षीय वाइन ने आधिकारिक परिणामों के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव में 24.7% वोट हासिल किए, जिन्हें वे नकली बताते हैं। जबकि 81 वर्षीय मुसेवेनी को 71.6% वोट मिले, और अब वे सातवां कार्यकाल शुरू करेंगे। इसके बाद वह लगभग पांच दशक तक सत्ता रहने का रिकॉर्ड बना लेंगे। उनके समर्थक उन्हें क्षेत्र में सापेक्ष शांति और स्थिरता का श्रेय देते हैं, जिसने यूगांडा को अफ्रीका के इस हिस्से में हिंसा से भाग रहे लाखों लोगों का घर बनाया है। वाइन ने कहा है कि सेना से बच निकलने की उनकी क्षमता दिखाती है कि सरकार जितनी मजबूत दिखती है, उतनी नहीं है, जिससे कैनरुगाबा नाराज हो गए।
आतंकी है वाइन
कैनरुगाबा ने वाइन के तानों का जवाब देते हुए उन्हें कायर, “बबून” और “आतंकवादी” कहा। सेना प्रमुख ने 23 जनवरी की रात वाइन के घर पर छापे की जिम्मेदारी ली, जिसमें उनकी पत्नी का कहना है कि सैनिकों ने उनके साथ रूखा व्यवहार किया और चिंता व चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। हालांकि कैनरुगाबा ने इससे इनकार किया। पुलिस के अनुसार चुनाव के दौरान और बाद में वाइन के सैकड़ों समर्थकों को कथित अपराधों के लिए हिरासत में लिया गया है। वाइन की नेशनल यूनिटी प्लेटफॉर्म पार्टी के एक उपाध्यक्ष मुवांगा किवुम्बी पर केंद्रीय यूगांडा में हिंसक घटना के लिए आतंकवाद का आरोप लगाया गया है, जबकि आरोपी संसद में विपक्षी विधायक के रूप में अपनी सीट बरकरार रखने की कोशिश कर रहा था।