Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आप अपनी कुंडली देखकर आसानी से अपने करियर क्षेत्र में सफलता अर्जित कर सकते हैं। अगर नौकरी नहीं लग रही या नौकरी होने के बावजूद भी आपको प्रमोशन और आमदनी में इजाफा नहीं मिल रहा तो इसका कारण कुंडली का एक ग्रह हो सकता है। इस ग्रह को सुधारने से आपका करियर खुशहाल बन सकता है। आइए आसान भाषा में आपको समझाने की कोशिश करते हैं।
पहले समझें भाव के बारे में
नीचे दी गई उदाहरण कुंडली में आप देख सकते हैं कि जहां 3 लिखा हुआ है वहां पहला भाव भी लिखा हुआ है। ये बात समझ लें कि वहां 1 से 12 तक कोई भी नंबर लिखा हो पहला भाव वही रहेगा। इसी तरह दूसरा भाव दूसरा ही रहेगा चाहे नंबर कोई भी लिखा हो और सभी भावों के साथ यह नियम लागू होगा।

अब बात उस भाव और ग्रह की जो आपके करियर को सुधारेगा
- उदाहरण कुंडली में आप देख सकते हैं कि जहां दसवें भाव को कर्म और करियर का भाव कहा जाता है। ऐसे में इस भाव और इसके स्वामी को मजबूत करने से आपके करियर की गति सुधर सकती है। उदाहरण कुंडली में कर्म भाव या दसवें भाव में 3 लिखा हुआ है, तीसरी राशि मिथुन होती है और इसका स्वामी होता है बुध ऐसे में बुध ग्रह के उपाय करने से बुध ग्रह के मंत्रों का जप करने से और गणेश भगवान की आराधना करने से आपको करियर में जबरदस्त सफलता मिल सकती है। इसके अलावा कर्म भाव में अगर 6 लिखा होता तब भी आपको बुध के ही उपायों से लाभ मिलेगा क्योंकि छठी राशि कन्या है और इसके स्वामी ग्रह भी बुध ही हैं।
- अगर कर्म भाव में 1 या 8 लिखा है तो कर्म भाव का स्वामी मंगल होगा क्योंकि पहली राशि मेष और आठवीं राशि वृश्चिक का स्वामी मंगल है। ऐसे लोगों को मंगल ग्रह के उपाय करने चाहिए, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए, मंगलवार के दिन व्रत रखना चाहिए और मंगल ग्रह के मंत्रों का जप करना चाहिए। ऐसा करने से इनको करियर में जबरदस्त सफलता मिल सकती है।
- अगर कर्म भाव में 2 या 7 लिखा है तो कर्म भाव का स्वामी शुक्र होगा क्योंकि दूसरी राशि वृषभ और सातवीं राशि तुला का स्वामी शुक्र है। अगर आपकी कुंडली के कर्म भाव में 2 या 7 लिखा है तो आपको शुक्र ग्रह के मंत्रों का जप करना चाहिए, सफेद वस्त्र पहनने चाहिए, इत्र का इस्तेमाल करना चाहिए, 10 साल से छोटी कन्याओं को उपहार देने चाहिए। ऐसा करने से करियर में आपको भी लाभ मिलेगा।
- अगर कर्म भाव में 4 लिखा है तो आपके कर्म भाव के स्वामी होंगे चंद्रमा क्योंकि चौथी राशि कर्क के स्वामी चंद्र ग्रह हैं। ऐसे में आपको चंद्रमा के मंत्रों का जप, माता की सेवा करने से लाभ होगा। साथ ही सफेद चीजों जैसे चावल, मिश्री आदि का दान भी आपको करना चाहिए और पूर्णिमा के दिन व्रत और पूजा करने से भी आपको करियर में लाभ मिलेगा।
- अगर कर्म भाव में 5 लिखा है तो आपके कर्म भाव के स्वामी सूर्य होंगे क्योंकि पांचवीं राशि सिंह के स्वामी सूर्य हैं। इसलिए करियर में सफलता पाने के लिए आपको सही दिनचर्या का पालन करना चाहिए, सूर्य ग्रह को अर्घ्य देना चाहिए। गुड़, चना दाल और स्वर्ण का दान करने से भी आपको करियर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
- अगर कर्म भाव में 9 या 12 लिखा है तो कर्म भाव का स्वामी गुरु होगा क्योंकि नवीं राशि धनु और बारहवीं राशि मीन का स्वामी गुरु है। ऐसे में गुरु ग्रह के मंत्रों का जप आपको करना चाहिए। इसके साथ ही पीली चीजों का दान करने से गुरुओं का सम्मान करने से और बड़े बुजर्गों की सलाह से आपको करियर क्षेत्र में आशातीत परिणाम मिल सकते हैं।
- अगर कर्म भाव में 10 या 11 लिखा है तो कर्म भाव का स्वामी शनि होगा क्योंकि दसवीं राशि मकर और ग्यारहवीं राशि कुंभ का स्वामी शनि है। ऐसे लोगों को शनि ग्रह के मंत्रों के जप के साथ ही अनुशासित जीवन जीना चाहिए। शनिवार के दिन सरसों के तेल, कंबल, जूते-चप्पल आदि का दान करना चाहिए, ऐसा करने से आपको कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।
आमदनी में होने लगेगी वृद्धि और मिलेगा उच्च पद
आप अब यह तो जान गए होंगे कि कैसे आपको अपने कर्म भाव के स्वामी का पता करना है। कर्म भाव के स्वामी का पता करके उसके उपायों के साथ ही उस ग्रह की शांति पाठ भी आप करवा सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार अगर आप कर्म भाव के स्वामी के अनुसार आचरण करते हैं और उससे जुड़े उपायों को करते हैं तो आपको करियर क्षेत्र में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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