Trump Cuba Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद क्यूबा को झटका दे दिया है। उन्होंने गुरुवार को एक आदेश पर साइन किए, जिसके तहत अगर कोई देश क्यूबा को तेल बेचता है तो अमेरिका उस देश से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ लगाएगा। ट्रंप का यह नया आदेश क्यूबा के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकता है। उसमें ऊर्जा का संकट गहरा सकता है। जानें ट्रंप ने ऐसा क्यों किया है।
मेक्सिको पर प्रेशर डालना चाहते हैं ट्रंप
बताया जा रहा है कि ट्रंप के इस नए आदेश का मकसद अपने पड़ोसी देश मेक्सिको पर दबाव डालना है, जो लंबे वक्त से क्यूबा के लिए तेल की लाइफ लाइन बना हुआ है। दरअसल, मेक्सिको की सरकार ने क्यूबा को लगातार समर्थन दिया है, भले ही हालात कितने भी चैलेंजिंग रहे हों।
क्या मेक्सिको-क्यूबा में आएगी दूरी?
माना जा रहा है कि ट्रंप के आदेश के बाद अटकलें तेज रही हैं कि अमेरिकी दबाव के कारण मेक्सिको, क्यूबा को तेल देना कम कर सकता है। इससे मेक्सिको और क्यूबा की सरकार में दूरी पैदा हो सकती है।
क्यूबा में गहरा सकता है ऊर्जा संकट?
गौरतलब है कि अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से पैदा हुए ऊर्जा और आर्थिक संकट में क्यूबा पहले से विदेशी सहायता पर काफी निर्भर रहा है। वह मेक्सिको, वेनेजुएला और रूस जैसे सहयोगी देशों से तेल लेता रहा है। आपको याद होगा कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उनके पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अब वेनेजुएला का तेल क्यूबा नहीं जाएगा। क्यूबा की सरकार गिरने की दहलीज पर है।
मेक्सिको से कितना तेल क्यूबा को जाता है?
मैक्सिको की सरकारी तेल कंपनी पेमेक्स Pemex ने अपनी हाल की रिपोर्ट में बताया कि उसने जनवरी से 30 सितंबर 2025 के दौरान हर दिन करीब 20 हजार बैरल तेल क्यूबा को भेजा। अगर ये तेल आपूर्ति घट जाती है तो क्यूबा के लिए बड़ा आर्थिक और ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।
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