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Economic Survey 2025-2026: सोना-चांदी महंगे होने की संभावना, महंगाई फिलहाल बड़ी चिंता नहीं

 Published : Jan 29, 2026 04:18 pm IST,  Updated : Jan 29, 2026 04:18 pm IST

इकोनॉमिक सर्वे 2025-2026 रिपोर्ट में कहा गया है कि बेस मेटल्स की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम अभी भी मौदूद हैं। निवेशकों को लगातार निगरानी और जरूरत के मुताबिक, नीतिगत प्रतिक्रिया की जरूरत होगी।

आरबीआई और आईएमएफ दोनों ने अगले वित्त वर्ष में हेडलाइन महंगाई में क्रमिक बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।- India TV Hindi
आरबीआई और आईएमएफ दोनों ने अगले वित्त वर्ष में हेडलाइन महंगाई में क्रमिक बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। Image Source : CANVA

इकोनॉमिक सर्वे 2025-2026 में गुरुवार को कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के रूप में बढ़ती मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, इसके बावजूद अगले वित्त वर्ष में महंगाई किसी बड़ी चिंता का कारण बनने की संभावना नहीं है। सर्वे के मुताबिक, महंगाई का परिदृश्य फिलहाल अनुकूल बना हुआ है। इसे मजबूत आपूर्ति पक्ष की स्थिति और जीएसटी दरों के युक्तिकरण का क्रमिक असर समर्थन दे रहा है। आगे भी महंगाई दर के लक्षित दायरे में रहने का अनुमान है, जिसे मजबूत कृषि उत्पादन, वैश्विक जिंस कीमतों में स्थिरता और सतर्क नीतिगत रुख का सहारा मिलेगा।

वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम बने हुए

रिपोर्ट में साथ ही यह भी कहा गया है कि हालांकि, मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव, बेस मेटल्स की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम बने हुए हैं, जिन पर लगातार निगरानी और आवश्यकतानुसार नीतिगत प्रतिक्रिया की जरूरत होगी। इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति स्थापित नहीं होती और व्यापार युद्धों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में सुरक्षित निवेश की मांग के कारण बढ़ोतरी जारी रह सकती है।

कोर महंगाई चिंताजनक स्तर पर नहीं होगी

सर्वे के अनुसार, भारत में वित्त वर्ष 2026-27 में हेडलाइन और कोर महंगाई (कीमती धातुओं को छोड़कर), वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में अधिक रह सकती है, लेकिन इसके बावजूद यह चिंताजनक स्तर पर नहीं होगी। सर्वे में बताया गया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) दोनों ने अगले वित्त वर्ष में हेडलाइन महंगाई में क्रमिक बढ़ोतरी का अनुमान जताया है, जिससे महंगाई दर 4 प्रतिशत (+/- 2 प्रतिशत) के लक्षित दायरे में बनी रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने FY26 में महंगाई दर 2.8 प्रतिशत और FY27 में 4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, RBI के अनुसार FY27 की पहली और दूसरी तिमाही में हेडलाइन महंगाई क्रमशः 3.9 प्रतिशत और 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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