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अमेरिका से पहले यूरोपीय संघ ने कर दी ईरान पर बड़ी कार्रवाई, कहा-"प्रदर्शनकारियों के दमन का है बदला"

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Jan 29, 2026 10:04 pm IST, Updated : Jan 29, 2026 10:23 pm IST

अमेरिकी हमले की आशंका के बीच बृहस्पतिवार को यूरोपीय संघ ने ईरान पर बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी है। अपनी इस कार्रवाई को यूरोप ने ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों के दमन का जवाब बताया है।

ईरान प्रोटेस्ट (फाइल फोटो)- India TV Hindi
Image Source : AP ईरान प्रोटेस्ट (फाइल फोटो)

ब्रुसेल्स: ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंकाओं के बीच यूरोपीय संघ ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई कर दी है। इससे तेहरान में खलबली मच गई है। यूरोपीय संघ ने ईरान के पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड के 15 शीर्ष कमांडरों और अधिकारियों पर बैन लगा दिया है। यूरोपीय संघ ने इस कदम के पीछे तेहरान द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर घातक दमन को वजह बताया है। प्रतिबंध की सूची में छह ईरानी संगठनों को भी शामिल किया गया है। इनमें ईरान में ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी करने वाले निकाय शामिल हैं।

अमेरिकी हमले की आशंका के बीच 27 देशों ने लिया एक्शन

27 देशों के इस ब्लॉक के फैसले को पश्चिमी देशों की ओर से ईरान में हिंसा पर नवीनतम प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं के दावे के अनुसार ईरान में प्रोटेस्ट के दौरान 6,300 से अधिक लोगों की मौत हुई है। यूरोपीय संघ की यह कार्रवाई इस्लामी गणराज्य पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने वाले हैं, क्योंकि अमेरिका ने पहले ही ईरान पर संभावित सैन्य हमले की धमकी दे रखी है। इस कड़ी में अमेरिकी बलों ने यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को मध्य पूर्व में तैनात किया है, जिनसे समुद्र से ईरान पर हमले किए जा सकते हैं। 

क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला

अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ बल प्रयोग करेंगे या नहीं। हालांकि उन्होंने ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और संभावित सामूहिक फांसी के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। कार्यकर्ताओं के अनुसार ईरान में विरोध प्रदर्शन करने वालों में कम से कम 6,373 लोग मारे गए हैं। वहीं ईरान की ओर से कहा गया है कि वह पूर्व-निवारक हमला कर सकता है या मध्य पूर्व में व्यापक निशाना बना सकता है, जिसमें अमेरिकी सैन्य अड्डे और इजरायल शामिल हैं।

ईरान रूस और चीन के साथ होर्मुज में देगा जवाब

अमेरिकी हमलों की आशंका के मद्देनजर ईरान ने गुरुवार को समुद्र में जहाजों को चेतावनी दी कि वह अगले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव फायरिंग सहित एक अभ्यास करेगा, जो दुनिया के 20 प्रतिशत तेल के गुजरने वाले जलमार्ग को बाधित कर सकता है। इससे पहले यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कलास ने कहा था कि प्रदर्शनों को दबाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड को भी यूरोपीय संघ की आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया जाएगा। यह उन्हें अल-कायदा, हमास, दाएश के समान स्तर पर रखेगा। कलास ने कहा कि अगर आप आतंकवादी की तरह काम करते हैं, तो आपको आतंकवादी की तरह ही व्यवहार किया जाना चाहिए।"

आग में घी डाल रहा यूरोपीय संघ-ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूरोपीय देशों की कार्रवाई का एक्स पर जवाब दिया है। उन्होंने लिखा, "कई देश वर्तमान में हमारे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से कोई भी यूरोपीय देश नहीं है। इसके विपरीत, यूरोप आग में घी डालने का काम कर रहा है। अमेरिका के इशारे पर 'स्नैपबैक' नीति अपनाने के बाद, अब वह हमारी राष्ट्रीय सेना को कथित तौर पर "आतंकवादी संगठन" घोषित करके एक और बड़ी रणनीतिक गलती कर रहा है।

इजरायल द्वारा गाजा में किए गए नरसंहार पर कोई कार्रवाई न करने और फिर भी ईरान में "मानवाधिकारों की रक्षा" के लिए आगे आने के यूरोप के चुनिंदा आक्रोश के स्पष्ट पाखंड को एक तरफ रखते हुए, यूरोप का यह जनसंपर्क अभियान मुख्य रूप से इस बात को छुपाने का प्रयास है कि उसकी स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ रही है। इसके अलावा, चूंकि हमारे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध से महाद्वीप पर व्यापक प्रभाव पड़ना तय है, जिसमें ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के परिणाम भी शामिल हैं। ऐसे में यूरोपीय संघ का वर्तमान रुख उसके अपने हितों के लिए बेहद हानिकारक है। यूरोपीय नागरिक अपनी सरकारों द्वारा दिए जा रहे प्रस्तावों से बेहतर के हकदार हैं।

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