Shani Rekha: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की रेखाएं, पर्वत और चिह्न हमारे भूत-भविष्य के बारे में काफी कुछ जानकारी देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में जैसे ग्रहों से संबंधित राशियां और भाव होते हैं उसी तरह हस्तरेखा शास्त्र में पर्वत और रेखाएं होती हैं। ऐसे में आज हम आपको हथेली पर मौजूद शनि रेखा और पर्वत के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार शनि रेखा का हथेली में होना 35 के बाद सफलता का संकेत होता है। आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि हथेली में ये रेखा होती कहां है।
शनि रेखा कहां होती है?

नीचे दी गई तस्वीर में आप स्पष्टता से देख सकते हैं कि शनि रेखा कहां होती है। हथेली में मध्यमा उंगली के मूल भाग में शनि पर्वत होता है और उसी पर यह रेखा होती है। हालांकि कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनकी हथेली में यह रेखा नहीं होती। वहीं जिनके हाथ में ये होती है उनको कैसे परिणाम जीवन में मिल सकते हैं, आइए जानते हैं।
शनि रेखा कैसे परिणाम देती है?
- जिन लोगों की हथेली में शनि रेखा मौजूद होती है वो मेहनती माने जाते हैं। ऐसे लोगों को जीवन का हर सुख मिलता है लेकिन कठिनाइयां भी जीवन में जरूर आती हैं।
- जिन लोगों की हथेली में शनि रेखा साफ होती है और किसी अन्य रेखा ने इसे काटा नहीं होता उन्हें करियर के क्षेत्र में उच्च पद प्राप्त होता है। ऐसे लोग सरकारी क्षेत्रों में भी ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं।
- हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ में शनि रेखा के होने से 35 की उम्र के बाद व्यक्ति का जीवन संवर जाता है। ऐसे लोगों को 35 के बाद करियर-कारोबार और पारिवारिक जीवन में बेहद सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं।
- स्पष्ट शनि रेखा के होने से व्यक्ति को प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे लोग रिश्तों को लेकर ईमानदार भी होते हैं।
- हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अगर व्यक्ति के हाथ में शनि रेखा हो तो उसका अच्छा आचरण करना चाहिए। मांस-मदिरा आदि का सेवन करने से बचना चाहिए और परोपकार करना चाहिए। ऐसा करने से शनि और भी प्रबल होते हैं और जीवन में सुख शांति आती है।
- हथेली में शनि रेखा इस बात का भी संकेत होती है कि आपको भले ही 35 की उम्र तक कड़ा परिश्रम करना पड़ा हो लेकिन इसके बाद आपका भाग्योदय होगा और आपके जीवन की गाड़ी पटरी पर आएगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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