जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है उन्हें घटाने के लिए जमकर मेहनत करनी पड़ती है। सुबह गर्म पानी में नींबू डालकर पीते हैं, खाने में कम तेल और चीनी लेते हैं, घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और हर वो काम करते हैं जिससे वजन कम हो, लेकिन वजन है कि एक इंच भर भी कम नहीं हो रहा है। जब भी वेट मशीन पर खड़े होकर चेक करो वजन उतना का उतना बना हुआ है। इससे निराश होने या परेशान होकर मेहनत करना छोड़ने की बजाय, इसका सही कारण जानें। हो सकता है आपके शरीर का इंजन इंजन जाम हो चुका हो।
खराब मेटाबॉलिज्म के लक्षण
जब हेल्दी डाइट, कम खाने और अच्छी कसरत के बाद भी किसी का वजन कम न हो, शरीर का फैट नहीं पिघले, तो समझ लें कि आपका मेटाबॉलिज़्म लॉक हो चुका है। ये शरीर की ऐसी स्थिति होती है जिसमें शरीर फैट बर्न करने की ताकत खो चुका है। ये खतरनाक स्थिति आपको लंबे समय में फैटी लिवर, थायरॉइड और हार्मोनल असंतुलन की ओर ले जा सकती है।
जाम हो चुका है शरीर का इंजन
आसान भाषा में समझें तो शरीर को खाने से ऊर्जा मिलती है और ये ईंधन का काम करता है। लेकिन मेटाबॉलिज्म स्लो होने पर या काम न करने पर खाना ऊर्जा में नहीं बदलता है। आप जो खाते हैं वो एनर्जी की बजाय फैट बन जाता है और शरीर में बढ़ने लगता है।
क्या खाएं जिससे मेटाबॉलिज्म तेज हो
इसके लिए आपको डाइट में कुछ बदलाव करने चाहिए। अनाज में आपको जौ, बाजरा, रागी, मूंग दाल, पुराना चावल इस्तेमाल करना चाहिए। भारी चीजों, मैदा वाली चीजें, नए चावल और छोले राजमा खाने से बचें। दिन भर सिर्फ गुनगुना या गर्म पानी ही पिएं। इसके अलावा छाछ और ग्रीन टी पी सकते हैं। फ्रिज का ठंडा पानी तो बिल्कुल भी न पीएं। सब्जियों में लौकी, तरोई, परवल, कद्दू, करेला, मेथी, बथुआ खाएं। आलू, गोभी, कटहल और कच्चा सलाद खाने से बचें। डाइट में सोंठ, काली मिर्च, पिप्पली, जीरा, हल्दी, दालचीनी जैसे मसाले शामिल करें, इनसे शरीर की अग्नि बढ़ती है। ज्यादा नमक न खाएं। गाय का देसी घी खाएं, रिफाइंड, डालडा जैसे हानिकारक तेलों से बचें।