राजधानी दिल्ली की मेट्रो यात्रा अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। हर दिन लाखों यात्रियों की रफ्तार बनने वाली दिल्ली मेट्रो अब सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या का समाधान भी बनती जा रही है। इसी दिशा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। मेट्रो फेज-5ए को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन को राजधानी के सबसे अहम ट्रिपल इंटरचेंज मेट्रो हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल यात्रियों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि सेंट्रल दिल्ली का ट्रैफिक दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
केंद्रीय सचिवालय बनेगा सुपर इंटरचेंज
फिलहाल केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर येलो लाइन और वायलेट लाइन का इंटरचेंज मौजूद है। यहां से रोजाना करीब दो लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि आसपास स्थित मंत्रालयों और सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लगभग 60 हजार कर्मचारी भी इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। अब फेज-5ए के तहत मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज में तब्दील हो जाएगा।
मजेंटा लाइन का होगा विस्तार
डीएमआरसी के मुताबिक, फेज-5ए में आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत मजेंटा लाइन को आगे बढ़ाया जाएगा। अभी मजेंटा लाइन से आने वाले यात्रियों को केंद्रीय सचिवालय पहुंचने के लिए बीच में मेट्रो बदलनी पड़ती है, लेकिन विस्तार के बाद मजेंटा लाइन की ट्रेनें भी सीधे इस स्टेशन पर रुकेंगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।
निजी वाहनों पर निर्भरता होगी कम
डीएमआरसी का कहना है कि इंटरचेंज स्टेशन महत्वपूर्ण इलाकों में बनाए जाते हैं ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें। केंद्रीय सचिवालय के आसपास बड़ी संख्या में सरकारी कार्यालय हैं, जहां रोजाना हजारों लोग कार और दोपहिया वाहनों से आते हैं। मजेंटा लाइन के जुड़ने से मेट्रो की पहुंच और मजबूत होगी, जिससे निजी वाहनों का इस्तेमाल घटेगा और प्रदूषण कम होने की संभावना है।
बढ़ेगी इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या
डीएमआरसी के अनुसार, मेट्रो फेज-4 के तहत कई नए ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन भी शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 29 इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज-4 पूरा होने पर यह संख्या 43 हो जाएगी, जबकि फेज-5ए के साथ कुल इंटरचेंज स्टेशन बढ़कर 46 तक पहुंच जाएंगे।






































