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अजित पवार के करीबी का दावा, 'मौत से 5 दिन पहले शरद पवार की NCP से विलय पर हुई थी बात'

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jan 30, 2026 11:18 am IST,  Updated : Jan 30, 2026 12:23 pm IST

अजित पवार के निधन के बाद उनके एक करीबी ने दावा किया है कि वह शरद पवार की पार्टी के साथ विलय चाहते थे। इसे लेकर वह काफी उत्सुक भी थे। दोनों दलों के विलय के बाद भविष्य को लेकर भी पूरी विस्तृत तैयारी की जा चुकी थी।

शरद पवार की पार्टी से विलय पर हुई थी बात।- India TV Hindi
शरद पवार की पार्टी से विलय पर हुई थी बात। Image Source : PTI/FILE

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया। वहीं अब उनके एक करीबी ने दावा किया है कि अजित पवार एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर इच्छुक थे। दोनों पार्टियों का विलय जल्द ही होने वाला था। बता दें कि अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर ने इसकी जानकारी दी है। किरण गुजर 1980 के दशक के मध्य में राजनीति में आने से पहले से ही अजित पवार के सहयोगी रहे थे। किरण गुजर ने गुरुवार को बताया कि अजित पवार ने बुधवार को हुए घातक विमान हादसे से ठीक पांच दिन पहले उनसे इस बारे में बात की थी। 

'दोनों गुटों के विलय के लिए थे उत्सुक'

किरण गुजर ने कहा, "वे दोनों गुटों के विलय के लिए पूरी तरह से उत्सुक थे। उन्होंने मुझे पांच दिन पहले बताया था कि पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है।" बता दें कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के दौरान दोनों गुटों ने गठबंधन में साथ चुनाव लड़ा था। अजित पवार ने चुनिंदा पत्रकारों से यह भी कहा था कि जब तक उनके चाचा शरद पवार (85) स्वस्थ हैं, तब तक वे अपनी पार्टी का एनसीपी (एसपी) में विलय करना चाहते हैं। पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में एक साथ चुनाव लड़ने के बाद, दोनों गुटों ने अगले महीने होने वाले जिला परिषद चुनावों में भी गठबंधन जारी रखने का फैसला किया था।

'भविष्य के लिए तैयार थी विस्तृत योजना'

किरण गुजर ने कहा कि अजित पवार के पास विलय और संयुक्त एनसीपी के भविष्य के लिए एक विस्तृत योजना तैयार थी। शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा के बारे में पूछे जाने पर किरण गुजर ने कहा, "पवार साहब, सुप्रिया ताई (सुप्रिया सुले) और अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी और संकेत मिल रहे थे कि शरद पवार इस कदम का समर्थन करेंगे।" उन्होंने कहा, "कई सकारात्मक बातें होने वाली थीं, लेकिन यह हादसा हो गया और अजित 'दादा' को हमसे छीन लिया। अब, उनके निधन के बाद, यह और भी अनिवार्य हो गया है कि दोनों गुट एक साथ आएं और बारामती और राज्य की बेहतरी के लिए काम करें।" (इनपुट- पीटीआई)

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