Budh Pradosh Vrat 2026: प्रदोष का व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना करना अत्यंत ही फलदायी होता है। प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। प्रदोष व्रत का नाम सप्ताह के दिन के हिसाब से रखा जाता है और हर प्रदोष का अलग-अलग महत्व होता है। पुराणों में बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसके समस्त समस्याओं का शीघ्र समाधान निकल जाता है। वैशाख माह में प्रदोष व्रत 15 अप्रैल, बुधवार को रखा जाएगा, इसलिए इसे बुध प्रदोष कहेंगे। बुध प्रदोष का व्रत करने से कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होती है। इसके साथ ही आर्थिक परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है।बुध प्रदोष के दिन शिवलिंग पर इस खास को चढ़ाने से जातक को कई तरह के शुभ परिणाम मिलते हैं।
बुध प्रदोष के दिन शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये खास चीज
- बुध प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर हरी मूंग चढ़ाना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना गया है। प्रदोष के दिन शाम के समय यानी प्रदोष काल में शिवलिंग पर हरी मूंग अर्पित कर दें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं और नौकरी में भी तरक्की मिलती है।
- शिवलिंग पर मूंग चढ़ाने से व्यापार में भी कई गुना अधिक मुनाफा मिलता है। इसके साथ ही धन-धान्य में भी वृद्धि होती है।
- शिवलिंग पर मूंग चढ़ाने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
- वहीं शिवलिंग पर मूंग चढ़ाने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है और विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।
बुध प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - अप्रैल 15, 2026 को 12:12 ए एम बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त - अप्रैल 15, 2026 को 10:31 पी एम बजे
- प्रदोष पूजा मुहूर्त - 06:56 पी एम से 09:13 पी एम
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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