IND vs BAN: भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 188 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। टीम इंडिया की इस जीत के कई हीरो रहे। अगर बात करें बल्लेबाजी की तो चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में 90 और दूसरी पारी में नाबाद 102 रन बनाए। उनके अलावा शुभमन गिल ने भी अपने करियर की पहली इंटरनेशल सेंचुरी जड़ दी। श्रेयस अय्यर और रविचंद्रन अश्विन ने भी बल्ले से कमाल दिखाया। इसके बाद गेंदबाजी में अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इस जीत का एक ऐसा सुपरस्टार उभरकर निकला जिसने 22 महीनों के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर तहलका मचा दिया।
कुलदीप के डूबते करियर को मिला सहारा
कुलदीप यादव ने आखिरी टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ करीब 22 महीने से भी ज्यादा समय के पहले खेला था। उनका टेस्ट करियर लगभग खत्म ही नजर आ रहा था। बांग्लादेश सीरीज के लिए उनकी स्क्वॉड में वापसी हुई। उनके डूबते करियर को केएल राहुल की कप्तानी में सहारा मिला और बाएं हाथ के लेग स्पिनर ने दिखा दिया कि उनमें दम बाकी है। 28 वर्षीय कुलदीप के करियर को जीवनदान मिल गया है और अब वह यहां से पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहेंगे। कुलदीप यादव ने चटोग्राम टेस्ट में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल किया।
कुलदीप का ऑलराउंड प्रदर्शन
भारत की पहली पारी में कुलदीप ने उपयोगी 40 रनों की पारी खेली और 8वें विकेट के लिए रविचंद्रन अश्विन के साथ महत्वपूर्ण 92 रनों की साझेदारी की। उनकी इस पारी और साझेदारी की बदौलत ही टीम का स्कोर 404 तक पहुंचा। इसके बाद गेंदबाजी में आए कुलदीप ने बांग्लादेश की कमर तोड़ दी और टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में तीसरी बार पांच विकेट झटके। दूसरी पारी में भी कुलदीप के नाम 3 विकेट दर्ज हुए। कुलदीप ने मैच में 113 रन देकर आठ विकेट लिए, जिसमें पहली पारी में 40 रन देकर पांच विकेट और दूसरी पारी में 73 रन देकर तीन विकेट उनके नाम दर्ज हुए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
मैच के बाद क्या बोले कुलदीप?
कुलदीप यादव ने टेस्ट मैच खत्म होने के बाद अपनी शानदार वापसी को लेकर खुशी जताई। उन्होंने कहा,"ईमानदारी से कहूं तो बल्ले और गेंद दोनों से अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। पहली पारी में विकेट की गति थोड़ी तेज थी, गेंद अच्छे से बल्ले पर आ रही थी। दूसरी पारी में थोड़ी कठिनाईयां हुई, लेकिन उसपर काम करना पड़ा। गेंद पर अधिक घुमाव से बल्लेबाज को गेंद हिट करने में कठिनाईयां आती है। इससे बल्लेबाजों के लिए यह चुनना मुश्किल हो जाता है कि वह गेंद को कैसे रोके।" वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने कुलदीप की शानदार वापसी पर उनकी प्रशंसा की।
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