Live TV
GO
Advertisement
Hindi News Video News bulletin ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रुस के...

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रुस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से मिले पीएम मोदी

जोहानिसबर्ग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता की और कहा कि भारत तथा रूस के बीच दोस्ती बहुत गहरी है। गौरतलब है कि इससे पहले मोदी और पुतिन की पिछली अनौपचारिक मुलाकात रूस के सोच्चि में हुई थी। दोनों नेता जून में चीन के छिगंदाओ प्रांत में आयोजित शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन सम्मिट से इतर भी मिले थे।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत और रचनात्मक चर्चा हुई। रूस के साथ भारत की दोस्ती बहुत गहरी है और हमारे देश विभिन्न क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करते रहेंगे।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बाद में ट्वीट में कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी हितों खासतौर से व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और पर्यटन संबंधी द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।

उन्होंने बताया कि मोदी-पुतिन की बैठक स्थानीय समयानुसार आधी रात को खत्म हुई। मई में सोच्चि में मुलाकात के दौरान भारत और रूस ने अपनी कूटनीतिक साझेदारी को विशेषाधिकार कूटनीतिक साझेदारी में बदला था। मोदी दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए बुधवार को जोहानिसबर्ग पहुंचे। इस बार सम्मेलन की थीम ‘ब्रिक्स इन अफ्रीका’ है। ब्रिक्स की स्थापना 2009 में हुई थी और पांच देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण अफ्रीका इसके सदस्य हैं।

पुतिन के अलावा मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिले और दोनों नेताओं ने हाल में हुई बैठकों से मिली ‘‘रफ्तार’’ को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। मोदी 10 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इस समय दक्षिण अफ्रीका में हैं। वह पिछले करीब चार महीने में शी से तीसरी बार मिले हैं। पीएम मोदी  ने शी के साथ अपनी हाल की बैठकों को याद करते हुए कहा कि उनसे भारत-चीन के संबंधों को नई मजबूती मिली है और साथ ही दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए नए मौके भी मिले।