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ब्लू व्हेल जैसे ऑनलाइन गेम्स किन देशों में बैन हैं ? भारत में इसे लेकर क्या नियम-कानून हैं; ये रही पूरी डिटेल

Amazing Facts : ऑनलाइन गेम की आदत ने अब तक कई लोगों की जिंदगियां छीन ली हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि, ऑनलाइन गेम्स पर किन देशों ने बैन लगा रखा है।

Amazing Facts, Which Countries Banned Online Games : किन देशों में ऑनलाइन गेमिंग बैन है - India TV Hindi Image Source : FREEPIK ऑनलाइन गेमिंग।

Amazing Facts : साल 2017-19 में आया 'ब्लू व्हेल गेम चैलेंज' तो आपको याद ही होगा। इसे ना​बालिगों को टारगेट करके बनाया गया जिसमें 50 दिनों में 50 कार्य पूरे करने होते थे। दावा किया गया था ये गेम 'सुसाइड का गेम' था क्योंकि ये चैलेंज दुनिया भर में कई मौतों से जुड़ा हुआ है। एक ऐसे ही गेम ने फिर अपने फन फैलाए हैं जिसका नाम 'कोरियन लवर गेम' है। यह गेम उस वक्त चर्चा में आया जब पता चला कि गाजियाबाद की तीन नाबालिग बहनों ऑनलाइन कोरियन गेम के चक्कर में नौवीं मंजिल में बने अपार्टमेंट की बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। इस केस के सामने आने के बाद से ही इस कोरियन गेम के बारे में लोग ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटा रहे हैं। क्या आपको पता है कि, ब्लू व्हेल जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स पर किन देशों ने बैन लगा रखा है ? यदि आप नहीं जानते हैं तो आज हम आपको ऐसी ही कई तरह की जानकारी देंगे। 

क्या है कोरियन लवर गेम 

यह एक कोरियाई टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप है। इसे 'ब्लू व्हेल गेम' की तरह देखा जा रहा है क्योंकि दोनों ही धीरे-धीरे शुरू होते हैं, विश्वास बढ़ाते हैं, खिलाड़ियों को अलग करते हैं और अंत में खतरनाक या हानिकारक टास्क सौंपते हैं। कोरियन लवर गेम में जब खिलाड़ी टास्क पूरे नहीं करते या छोड़ना चाहते हैं तो उन्हें डराया या ब्लैकमेल किया जाता है और फिर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।  

कैसे ऑनलाइन गेम के ट्रैप में फंस रहे बच्चे 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 'गेमिंग डिसऑर्डर' को अपने इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज में स्वास्थ्य की स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। मगर आमतौर पर देखा जाता है कि, किशोरावस्था में बच्चों का मस्तिष्क मैच्योर नहीं होता है और वे ऐसे ऑनलाइन गेम्स के आदी हो जाते हैं। चूंकि ये इंटरनेट पर Easy To Download होते हैं इसलिए बच्चे इसे आसानी से डाउनलोड कर लेते हैं। यदि उन्हें मना भी किया जाए तो वे उसे टेलीग्राम, टॉरेंट जैसे प्लेटफॉर्म्स डाउनलोड कर लेते हैं। उस अवस्था में बच्चों को जोखिमों और बुरे प्रभावों का ज्ञान नहीं होता है तो वे उसमें बताए जाने वाले स्टेप्स को फॉलो करते चलते जाते हैं और फिर ऐसे में बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से ट्रैप कर लेते हैं। 

Image Source : Freepik ऑनलाइन गेमिंग।

भारत में कौन-कौन से ऑनलाइन गेम बैन हैं 

भारत ने पोकर, रमी और फैंटेसी स्पोर्ट्ससहित वास्तविक धन लेनदेन वाले सभी ऑनलाइन खेलों पर सख्त प्रतिबंध लागू कर दिया है। भारत सरकार ने आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत PUBG मोबाइल (और चीन से जुड़े कई अन्य ऐप्स) पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें भारत की संप्रभुता, रक्षा और सुरक्षा के लिए खतरों के साथ-साथ डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताओं का हवाला दिया गया है। वहीं, इसके साथ ही भारत में चीनी स्वामित्व वाले ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के तहत Rules of Survival, Mobile Legends: Bang Bang and Clash of Kings जैसे गेम भी बैन कर दिए गए थे। 

किन देशों ने ऑनलाइन गेम्स लगाया बैन

आपको बता दें कि चीन, वेनेजुएला, ब्राजील, उत्तर कोरिया, कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित लगभग 15 से अधिक देशों ने हिंसा, अश्लीलता या जुए (Real Money) से जुड़े ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह या आंशिक प्रतिबंध लगा रखा है। इन देशों में सिंगापुर, जर्मनी, ब्रिटेन, मलेशिया, जापान, साउथ कोरिया, उत्तरी कोरिया, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड, यूएई, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं। इन देशों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यसन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए ये पाबंदियां लगाई गई हैं। 

भारत में गेम्स को लेकर नियम-कानून 

भारत में ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 को 1 अक्टूबर, 2025 से लागू किया गया था। यह कानून नुकसानदायक गेमिंग प्लेटफार्मों के कारण व्यसन, वित्तीय बर्बादी और सामाजिक संकट को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो त्वरित धन के भ्रामक वादों पर पनपते हैं। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और रचनात्मक विकास की दिशा में मार्गदर्शित करते हुए परिवारों की सुरक्षा के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। 

Image Source : Freepik ऑनलाइन गेमिंग।

भारत में ऑनलाइन मनी गेम्स पर कितनी सजा 

ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम में कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश या सुविधा देने पर तीन साल तक की कैद और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इन खेलों से संबंधित वित्तीय लेनदेन भी इसी तरह के दंड के साथ दंडनीय हैं। ऐसे खेलों का विज्ञापन करने पर दो साल तक की जेल और पचास लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बार-बार अपराध करने वालो के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। जिसमें पांच साल तक की सजा और दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना सम्मिलित है। प्रमुख प्रावधानों के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे, जिसका अर्थ है कि पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है और जमानत का अधिकार नहीं होगा। 

ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम को नीचे दिए गए वीडियो में डिटेल में समझें : 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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