कभी-कभी चांद आधा ही क्यों निकलता है, वजह सुनकर यकीन नहीं होगा; बेहद दिलचस्प है जवाब
Interesting Facts : सोशल मीडिया पर आपने चांद से जुड़े अजब-गजब रहस्यों के बारे में काफी रोचक तथ्य पढ़े होंगे। मगर, क्या आपने कभी सोचा है कि कभी-कभी चांद आधा ही क्यों निकलता है ?
Interesting Facts : बचपन में चंदा मामा पर बनी लोरियां सुनने से स्टूडेंट लाइफ में चंद्रमा के प्रकाश का परावर्तन नियम पढ़ने तक कई मौकों पर आपने चांद से जुड़ी चीजों के बारे में पढ़ा और समझा होगा। यहां तक काल्पनिक दुनिया की बात करें तो प्रेमी जोड़ों की बातें भी 'चांद' की उपमा दिए बगैर पूरी नहीं होती। कुल मिलाकर कहा जाए तो चांद भी हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। चांद से जुड़े कई तरह के रोचक तथ्य समय-समय पर वायरल होते रहते हैं। मगर, क्या आपने कभी गौर किया है कई बार रात में चांदनी बिखेरता चंद्रमा आधा ही क्यों दिखाई देता है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
चंद्रमा का साइज और दूरी
नासा की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि, लगभग 1,080 मील (1,740 किलोमीटर) की त्रिज्या वाला चंद्रमा पृथ्वी की चौड़ाई के एक तिहाई से भी कम है। यदि पृथ्वी एक निकल के आकार की होती, तो चंद्रमा लगभग एक कॉफी बीन के आकार का होता है। चंद्रमा पृथ्वी से औसतन 238,855 मील (384,400 किलोमीटर) दूर है। इसका मतलब है कि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आकार के 30 ग्रह समा सकते हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि, चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी से दूर जा रहा है, और हर साल लगभग एक इंच दूर होता जा रहा है।
चंद्रमा पर भूकंप आते हैं या नहीं
space.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रमा के भूकंप आमतौर पर पृथ्वी पर आने वाले भूकंपों की तुलना में कमजोर और अधिक समय तक चलने वाले होते हैं। कई कारक चंद्रमा के भूकंप का कारण बन सकते हैं, जिनमें उल्कापिंडों का प्रभाव, तापमान में परिवर्तन, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण और चंद्रमा के आंतरिक भाग की संरचनात्मक कमजोरियां शामिल हैं। हालांकि इनमें से कुछ भूकंप चंद्रमा पर भविष्य के मनुष्यों के लिए शायद ही ध्यान देने योग्य होंगे, अन्य महत्वपूर्ण खतरे पैदा कर सकते हैं।
आसमान में कभी-कभी आधा चांद क्यों निकलता है
एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी askfilo की रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी और सूर्य के सापेक्ष अपनी स्थिति के कारण चंद्रमा आधा दिखाई देता है, जिसे प्रथम चौथाई या अंतिम चौथाई चरण कहा जाता है। रिपोर्ट कहती है कि, चंद्रमा स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करता यह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है। जैसे-जैसे चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, हम इसके सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित भाग के विभिन्न हिस्से देखते हैं। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य को जोड़ने वाली रेखा के समकोण पर होता है तो पृथ्वी से चंद्रमा के सूर्यप्रकाशित भाग का आधा हिस्सा दिखाई देता है। इसे चौथाई चरण कहा जाता है। चंद्रमा के बदलते स्वरूप को उसकी कलाएं कहते हैं। इन कलाओं के कारण पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच का कोण बदलता रहता है। जब चंद्रमा पृथ्वी से सूर्य के लंबवत 90 डिग्री आ जाता है तो हमें ठीक आधा रोशनी वाला हिस्सा दिखता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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