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Hindi News विदेश अमेरिका फिलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने की मिली सजा, अमेरिका में भारतीय मूल की छात्रा गिरफ्तार

फिलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने की मिली सजा, अमेरिका में भारतीय मूल की छात्रा गिरफ्तार

इजराइल और हमास के बीच जारी जंग जारी है। अमेरिका छात्रों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। इस बीच भारतीय मूल की छात्रा को फिलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया है।

america pro Palestine protest- India TV Hindi Image Source : AP america pro Palestine protest

Indian Student Arrested In America: इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। अमेरिका के अनेक हिस्सों में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। इस बीच अमेरिका के प्रतिष्ठित प्रिंसटन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक भारतीय मूल की छात्रा अचिंत्य शिवलिंगम को कॉलेज के परिसर में फिलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया है। प्रिंसटन एलुमनी वीकली के अनुसार, शिवलिंगम को गुरुवार सुबह प्रदर्शन करने और परिसर में तंबू लगाने के चलते गिरफ्तार किया गया है। अचिंत्य शिवलिंगम के साथ एक अन्य छात्र, हसन सईद की भी गिरफ्तारी हुई है। 

इस वजह से किया गया गिरफ्तार 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता जेनिफर मॉरिल ने कहा कि दो स्नातक छात्रों को अतिक्रमण के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उन्हें "तत्काल परिसर से बाहर निकाल दिया गया", उन्होंने कहा कि परिसर में तंबू लगाना विश्वविद्यालय की नीति का उल्लंघन है। विश्वविद्यालय के एक अन्य प्रवक्ता माइकल हॉचकिस ने डेली प्रिंसटोनियन से इसकी पुष्टि की। शिवलिंगम प्रिंसटन में अंतर्राष्ट्रीय विकास में सार्वजनिक मामलों में परास्नातक की छात्रा हैं, जबकि सैयद पीएचडी कर रहे हैं।  

दी गई थी चेतावनी 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता जेनिफर मॉरिल ने एक बयान में छात्रों को "सार्वजनिक सुरक्षा विभाग से गतिविधि बंद करने और क्षेत्र छोड़ने के लिए बार-बार चेतावनी दी गई थी।" ऐसा ना करने पर उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी भी दी गई थी।  जेनिफर मॉरिल ने बताया कि अचिंत्य और हसन की गिरफ्तारी के बाद अन्य प्रदर्शनकारियों ने अपनी मर्जी से हट गए। 

लगातार बढ़ रहा है विरोध 

अमेरिका में हजारों छात्र इजराइली सैन्य अभियान के कारण गाजा में हुई मौतों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन, न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था, जो अब देश भर के कॉलेजों तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी अपने विश्वविद्यालयों से गाजा युद्ध से लाभ कमाने वाली कंपनियों से अलग होने और तत्काल युद्धविराम की वकालत करने का आह्वान कर रहे हैं। 

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