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EV Report: इलेक्ट्रिक दोपहिया-तिपहिया वाहनों की कुल बिक्री में 2030 तक हिस्सेदारी 50 और 70 प्रतिशत होगी

EV Report: रिपोर्ट में कहा गया है कि विद्युतीकरण की धीमी रफ्तार की वजह से भारतीय यात्री और भारी वाणिज्यिक वाहन खंड में परंपरागत ईंजन (पेट्रोल और डीजल) का दबदबा कायम रहेगा।

Alok Kumar Edited By: Alok Kumar @alocksone
Published on: September 14, 2022 17:41 IST
EV- India TV Hindi
Photo:FILE EV

Highlights

  • दोपहिया और तिपहिया वाहनों की कुल लागत अधिक आकर्षक होने की संभावना
  • 2030 तक कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की हिस्सेदारी 10-15 प्रतिशत होगी
  • भारी वाणिज्यिक वाहनों की हिस्सेदारी पांच से 10 प्रतिशत की होगी

EV Report: घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में 2030 तक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस श्रेणी के तहत कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी क्रमश: 50 और 70 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एसीएमए) और मैकिंजी की संयुक्त रूप से तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में यात्री या भारी वाणिज्यिक वाहनों की तुलना में बिजली से चलने वाली दोपहिया और तिपहिया वाहनों की कुल लागत अधिक आकर्षक होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, एसीएमए के 62वें वार्षिक सत्र से इतर यहां जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2030 तक नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 50 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों की बिक्री 70 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

पेट्रोल और डीजल का दबदबा कायम रहेगा

रिपोर्ट में कहा गया है कि विद्युतीकरण की धीमी रफ्तार की वजह से भारतीय यात्री और भारी वाणिज्यिक वाहन खंड में परंपरागत ईंजन (पेट्रोल और डीजल) का दबदबा कायम रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की हिस्सेदारी 10-15 प्रतिशत और भारी वाणिज्यिक वाहनों की हिस्सेदारी पांच से 10 प्रतिशत की होगी।

शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य

अमिताभ कांत ने बुधवार को कहा कि भारत को अगले चार साल में दोपहिया और तिपहिया वाहनों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एसीएमए की तरफ से आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में कहा कि देश का ध्यान साझा, जुड़े हुए और बिजली चालित परिवहन पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा विचार है कि हरित वाहन क्रांति वास्तव में हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है और चाहे हम इसे पसंद करें या नहीं भारत को साझा और बिजली चालित परिवहन पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि भारत की विद्युतीकरण यात्रा दोपहिया और तिपहिया वाहनों के बारे में है।’’ कांत ने कहा, ‘‘हमें अगले चार साल के लिए लक्ष्य बनाने की जरूरत है। भारत को इन दो क्षेत्रों के शतप्रतिशत विद्युतीकरण को लक्षित करने की आवश्यकता है।’’ वाहन डीलरों के संगठन फाडा के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री 2,31,338 इकाई रही, जो 2020-21 के 41,046 इकाई के आंकड़े की तुलना में पांच गुना अधिक है।

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