1. Hindi News
  2. पैसा
  3. ऑटो
  4. महंगाई डायन! पाकिस्तान से सटे जिले में सबसे महंगा पेट्रोल, दिल्ली के मुकाबले 17 रुपये ज्यादा कीमतें

महंगाई डायन! पाकिस्तान से सटे जिले में सबसे महंगा पेट्रोल, दिल्ली के मुकाबले 17 रुपये ज्यादा कीमतें

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 04, 2022 10:41 am IST,  Updated : Apr 04, 2022 10:41 am IST

महंगाई का अंदाजा आप इससे ही लगा सकते हैं कि राजधानी दिल्ली के मुकाबले इस पिछड़े जिले के लोगों को 17 रुपये महंगा पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है।

Petrol Price- India TV Hindi
Petrol Price

नयी दिल्ली। 'महंगाई डायन खाए जात है!' पीपली लाइव फिल्म का ये गाना आज के समय में लगभग हर भारतीय गुनगुना रहा है। लेकिन महंगाई की सबसे कर्कष आवाज पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के एक जिले से आ रही है। यहां पर देश का सबसे महंगा पेट्रोल डीजल मिल रहा है। महंगाई का अंदाजा आप इससे ही लगा सकते हैं कि राजधानी दिल्ली के मुकाबले इस पिछड़े जिले के लोगों को 17 रुपये महंगा पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है। दूसरी ओर यहां डीजल की कीमत उतनी ही है जितनी दिल्ली में पेट्रोल की। 

हम बात कर रहे हैं पाकिस्तानी सीमा से सटे राजस्थान के श्री गंगानगर जिले की। यहां पर राज्य सरकार के वैट और परिवहन लागत के चलते देश का सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल मिलता है। यहां पेट्रोल के दाम 121.17 रुपये प्रति लीटर है। जबकि दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल 103.81 रुपये का मिल रहा है। श्रीगंगानगर में डीजल के भाव भी 103 रुपये के पार हैं। 

कई शहरों में डीजल 100 के पार 

देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है। वहीं कुछ स्थानों पर डीजल भी ‘शतक’ को पार कर गया है। श्रीनगर से लेकर कोच्चि तक देश के सभी प्रमुख शहरों में अब पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक के भाव पर बिक रहा है। वहीं रविवार को तिरुवनंतपुरम (101.83 रुपये प्रति लीटर), हैदराबाद (103.3 रुपये), मुंबई (102.62 रुपये), भुवनेश्वर (100.1 रुपये), रायपुर (100.74 रुपये), राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना ओर आंध्र प्रदेश में डीजल शतक को पार कर चुका है। चेन्नई और भोपाल में डीजल 99 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर में डीजल सबसे महंगा यानी 105.52 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। 

पेट्रोल के दाम 22 रुपये बढ़ना तय

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विसेज ने पिछले महीने कहा था कि विधानसभा चुनावों के समय वाहन ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं करने से सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को 2.25 अरब डॉलर या 19,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, कच्चे तेल के दाम 100 से 120 डॉलर रहने पर पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल कीमतों में 13.1 से 24.9 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल कीमतों में 10.6 से 22.3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने की जरूरत होगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Auto से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा