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बैंकिट ने ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने के लिए लॉन्च की आधार-पे सर्विस

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 11, 2021 07:58 pm IST,  Updated : Feb 11, 2021 07:58 pm IST

डिजिटल पेमेंट के तरीकों ने देश में क्रांति ला दी है और खासकर महामारी की शुरुआत के बाद से फिन-टेक सेग्मेंट में बहुत बड़े बदलाव आए हैं। भारत भी धीरे-धीरे ई-पेमेंट के तरीकों को अपना रहा है और इसकी गति बढ़ रही है।

बैंकिट ने ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने के लिए लॉन्च की आधार-पे सर्विस- India TV Hindi
बैंकिट ने ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने के लिए लॉन्च की आधार-पे सर्विस Image Source : BANKIT

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट के तरीकों ने देश में क्रांति ला दी है और खासकर महामारी की शुरुआत के बाद से फिन-टेक सेग्मेंट में बहुत बड़े बदलाव आए हैं। भारत भी धीरे-धीरे ई-पेमेंट के तरीकों को अपना रहा है और इसकी गति बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में बैंकिट ने अपने वेबपोर्टल और मोबाइल ऐप पर एन.पी.सी.आई. की आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) तकनीक का उपयोग कर आधार-पे सर्विस लॉन्च की है। इसके रजिस्टर्ड व्यापारी और दुकान मालिक इस तकनीक के जरिए अपने ग्राहकों से भुगतान आसानी से प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और टेक-सैवी नहीं हैं। नई सेवा में प्रोसेस करने के लिए बायोमेट्रिक जरूरतें पूरी करनी होंगी और ग्राहकों का आधार नंबर, आधार-लिंक्ड बैंक का नाम और दुकान पर ग्राहक की उपस्थिति जरूरी होगी। बैंकिट इस समय 23 राज्यों में 50,000+ आउटलेट्स और 10,000+ किराना स्टोर्स में उपलब्ध है। 

यह सेवा ट्रांजेक्शन को सर्टिफाई करने के लिए रिटेल सेलर्स के फोन/ Computer पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर का इस्तेमाल करती है, इसलिए डिजिटल भुगतान के लिए ग्राहक का डेबिट कार्ड वाले[MM5]  स्मार्टफोन की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके अलावा, तेजी से बढ़ रहा फिन-टेक स्टार्टअप आधार-पे सर्विस के लिए एमडीआर के रूप में व्यापारियों से मात्र 0.30% + जीएसटी वसूलता है। डेबिट/ क्रेडिट कार्ड भुगतानों की तुलना में यह बहुत कम है क्योंकि अगर आप डेबिट/ क्रेडिट कार्ड से पेमेंट स्वीकार करते हैं तो मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) 1% - 1.5% है। 

इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया है कि यह ग्राहक के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते की जानकारी खुद-ब-खुद खींचता है और ग्राहक के बैंक खाते को डेबिट करता है और व्यापारी का बैंकिट वॉलेट बैलेंस रियल-टाइम में जमा होता है। इस डेवलपमेंट पर बैंकिट के कार्यकारी निदेशक और सीओओ श्री अमित निगम ने कहा, “आज भी, देश की ग्रामीण आबादी ई-पेमेंट के तरीकों की अभ्यस्त नहीं है। वह उसमें बदलाव चाहती है। वह भी डिजिटल पेमेंट करना चाहती है, पर वह टेक-सैवी नहीं है और उनके पास अक्सर तकनीकी जानकारी भी नहीं होती, जो डिजिटल पेमेंट के लिए आवश्यक है। बैंकिट की आधार-पे सर्विस के साथ अब देश भर में किसी भी बैंकिट आउटलेट / किराने की दुकानों आदि पर आधार-पे डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इस सर्विस का उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट के लिए डिजिटाइजेशन सुविधा प्रदान करना है। 

यह सर्विस वर्तमान में 50,000+ बैंकिट आउटलेट्स के बीच 10,000+ किराना स्टोर में उपलब्ध है, जो अपने ग्राहकों को बैंकिट सेवाएं प्रदान करते हैं। कोई भी व्यापारी या किराना स्टोर का मालिक गूगल प्ले स्टोर से बैंकिट एजेंट ऐप डाउनलोड कर सकता है और वह अपने ग्राहकों से विभिन्न बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पेशकश के साथ ग्राहकों से पेमेंट हासिल कर सकते हैं और आसपास के क्षेत्र में बैंकिंग हब बना सकते हैं। बैंकिट की आधार-पे सर्विस पेमेंट प्रोसेस को सरल बनाएगी और कैशलेस लेनदेन को सक्षम बनाएगी। हम जल्द ही इस तरह की और सेवाएं शुरू करेंगे।' नई सेवा वेबसाइट के साथ-साथ बैंकिट ऐप पर भी उपलब्ध है।

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