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लैंडलाइन से मोबाइल नंबर पर कॉल करने का बदल जाएगा तरीका, जानिए क्या है नया नियम

देश में कुल वायरलैस टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या 100 करोड़ से भी ज्यादा है। वहीं वायरलाइन टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या करीब 2 करोड़ हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्राई ने कुछ सिफारिशें दी थी, जिसे अब मान लिया गया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: November 25, 2020 21:23 IST
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Photo:GOOGLE

लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के नियमों में बदलाव

नई दिल्ली। जनवरी से लैंडलाइन से किसी भी मोबाइल नंबर को सीधे डायल करने पर अब आपकी कॉल नहीं लगेगी। दरअसल दूरसंचार विभाग ने लैंडलाइन से मोबाइल नंबर को कॉल करने पर ट्राई की सिफारिशों को मानते हुए कॉल करने के तरीके को बदल दिया है। खास बात ये है कि ये सुझाव देश में बढ़ती हुए मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए दिया गया था, जिसे अब मान लिया गया है।

क्या है मोबाइल नंबर पर कॉल करने के नए नियम

नए नियमों के मुताबिक देश भर में लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए ग्राहकों को नंबर से पहले शून्य या जीरो लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियम 15 जनवरी से लागू होगा। दूरसंचार विभाग ने 20 नवंबर को जारी एक परिपत्र में कहा कि लैंडलाइन से मोबाइल पर नंबर डायल करने के तरीके में बदलाव की ट्राई की सिफारिशों को मान लिया गया है। परिपत्र के मुताबिक इस नियम को लागू करने के बाद लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए नंबर से पहले शून्य डायल करना होगा। दूरसंचार विभाग ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को लैंडलाइन के सभी ग्राहकों को शून्य डायल करने की सुविधा देनी होगी। यह सुविधा अभी अपने क्षेत्र से बाहर के कॉल करने के लिए उपलब्ध है। दूरसंचार कंपनियों को इस नयी व्यवस्था को अपनाने के लिए जनवरी तक का समय दिया गया है।

क्यों अनिवार्य हुआ शून्य

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस तरह के कॉल के लिए 29 मई 2020 को नंबर से पहले ‘शून्य’ लगाने की सिफारिश की थी। इससे दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों को अधिक नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी। डायल करने के तरीके में इस बदलाव से दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल सेवाओं के लिए 254.4 करोड़ अतिरिक्त नंबर सृजित करने की सुविधा मिलेगी। यह भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक देश में 31 अगस्त तक कुल वायरलैस टेलीफोन सब्सक्राइबर 114 करोड़ से ज्यादा हैं। वहीं वायरलाइन टेलीफोन सब्सक्राइबर करीब 2 करोड़ हैं।  

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