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Maggi हो सकती है महंगी! क्या 1 जनवरी से बढ़ जाएंगे दाम? जानिए क्या है मामला

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Dec 15, 2024 04:45 pm IST,  Updated : Dec 15, 2024 04:45 pm IST

Is Maggi price rise : मोस्ट फेवर्ड नेशन का क्लॉज यह सुनिश्चित करता है कि दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट्स में शामिल पक्षों को एक जैसे फायदे मिलें। इसमें तरजीही व्यापार शर्तें होती हैं।

मैगी की कीमत- India TV Hindi
मैगी की कीमत Image Source : FILE

Is Maggi price rise : लेट नाइट क्रेविंग हो, खाना बनाने का मन नहीं हो, बाहर से थककर आए हों, ठंडी में कुछ गर्म खाना हो, पहाड़ों पर भूख मिटानी हो या झट से कुछ बनाकर खाना हो.. जेन-जी और मिलेनियल्स को सबसे पहले मैगी याद आती है। लेकिन अब आपकी यह मैगी महंगी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्विट्जरलैंड ने भारत से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा हटाने का फैसला लिया है। अब इन दोनों बातों का आपस में क्या रिलेशन है, आइए जानते हैं।

स्विस कंपनियों को झटका

स्विट्जरलैंड ने भारत के साथ डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट के तहत मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) क्लॉज 1 जनवरी 2025 से सस्पेंड करने का फैसला लिया है। साल 1994 में यह क्लॉज आया था। MFN का दर्जा वापस लेने का सीधा असर स्विस कंपनियों पर पड़ेगा। इन कंपनियों को अब भारतीय इनकम सोर्स से प्राप्त डिविडेंड पर 10 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ सकता है, जो अभी कम है। अब मैगी ब्रांड की मूल कंपनी नेस्ले भी एक स्विस कंपनी है। नेस्ले पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा, तो वह अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती है, जिसमें से एक मैगी भी है। हालांकि, कंपनी ने अभी दाम बढ़ाने के बारे में कुछ नहीं कहा है।

क्या है मोस्ट फेवर्ड नेशन क्लॉज?

मोस्ट फेवर्ड नेशन का क्लॉज यह सुनिश्चित करता है कि दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट्स में शामिल पक्षों को एक जैसे फायदे मिलें। इसमें तरजीही व्यापार शर्तें होती हैं। जब किसी देश को यह दर्जा दिया जाता है, तो यह उम्मीद की जाती है कि वह टैरिफ में कटौती करेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच कई प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बिना किसी शुल्क के भी होता है। MFN वाले देश को व्यापार में अधिक प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन स्विट्जरलैंड का मानना है कि भारत ने उसे उन देशों के बराबर फायदे नहीं दिये, जिनके साथ भारत के अधिक अनुकूल टैक्स एग्रीमेंट्स हैं। ऐसे में अब स्विस सरकार ने पारस्परिकता की कमी बताते हुए साल 2025 से इस क्लॉज को खत्म करने का फैसला लिया है।

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