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Mantra Jap Niyam: किन मंत्रों का उच्चारण नहीं बल्कि मानसिक जप करना चाहिए? गायत्री मंत्र भी है इनमें शामिल

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 06, 2026 08:59 pm IST,  Updated : Jun 06, 2026 08:59 pm IST

Mantra Jap Niyam: हिंदू धार्मिक ग्रंथों में कई मंत्र दिए गए हैं। हालांकि हर मंत्र को सिद्ध करने का अपना नियम होता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन मंत्रों का जप मानसिक रूप से आपको करना चाहिए।

Mantra Jap Niyam- India TV Hindi
मंत्र जप नियम Image Source : MAGNIFIC

Mantra Jap Niyam: हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथों और धार्मिक पुस्तकों में आपको कई मंत्र मिलते हैं। मंत्रों का जप करने से सिद्धियां भी प्राप्त होती हैं और मानसिक सुख भी आपको मिलता है। लोगों के द्वारा ज्यादातर मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, हालांकि कुछ ऐसे मंत्र भी हैं जिनका उच्चारण नहीं बल्कि मानसिक जप करना शुभ होता है। इन मंत्रों के बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे। इनका मानसिक जप करना बेहद शुभ माना गया है। 

गायत्री मंत्र 

  • ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले ज्यादातर लोग गायत्री मंत्र का जप करते हैं। हालांकि इसका उच्चारण करने से नहीं बल्कि मानसिक जप से आपको फायदा मिलता है। गायत्री मंत्र का मानसिक जप करने से बुद्धि और ज्ञान की आपको प्राप्ति होती है। आपका आध्यात्मिक विकास होता है और जीवन के हर क्षेत्र में आप उन्नति करते हैं। 

मूल मंत्र

  • ॐ 

यह सभी मंत्रों का मूल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि की शुरुआत ॐ की ध्वनि के साथ ही हुई थी। इसका मानसिक जप और उच्चारण करना दोनों ही लाभकारी होते हैं। इसका जप करने से आंतरिक शुद्धियां दूर होती हैं और वाणी में प्रखरता आती है। साथ ही यह मंत्र आपको आलौकिक अनुभव दिलाने वाला भी माना जाता है। 

शिव मंत्र 

  • ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय भी सबसे अधिक प्रचलित मंत्रों में से एक है। इसका भी मानसिक जप करना ही अच्छा होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का मानसिक जप करने से आपको जीवन में स्थिरता आती है और हर प्रकार के मानसिक विकार से आप मुक्त होते हैं। 

गणेश मंत्र 

  • ॐ गं गणपतये नमः।

गणेश जी के ऊपर दिए गए मंत्र का मानसिक उच्चारण करने से हर प्रकार की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले अगर आप इस मंत्र का मानसिक उच्चारण करें तो उस काम के सिद्ध होने के आसार बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही इस मंत्र का मानसिक जप आपको बौद्धिक रूप से भी मजबूत बनाता है। 

महामृत्युंजय मंत्र 

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म। उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात्।।

भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हैं। साथ ही यह मंत्र रोग-दोष से भी मुक्ति दिलाता है और इसका जप करने से भय से मुक्ति मिलती है। हालांकि इस मंत्र का जप भी आपको मानसिक रूप से ही करना चाहिए तभी आप इसके अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

ग्रहों के बीज मंत्र

ज्योतिष में 9 ग्रहों का जिक्र मिलता है और हर ग्रह का अपना बीज मंत्र होता है। इन बीज मंत्रों का भी आपको गुप्त रूप से और मानसिक जप करना चाहिए। ग्रहों के बीज मंत्रों का जप करने से संबंधित ग्रह के शुभ परिणाम आपको मिलने लगते हैं। 

मंत्र जप से जुड़े इन नियमों का भी करें पालन

  • किसी मंत्र को सिद्ध करने के लिए उसे रोजना निश्चित समय पर और 11, 21, 108 आदि की निश्चित संख्या में जप करें। 
  • मंत्र जप करने के लिए किसी मंदिर में जाएं या घर में किसी एकांत स्थान का चुनाव करें। 
  • मंत्र जप करते समय कभी भी आंखों को खोलें नहीं। 
  • मंत्र जप वाले स्थान को हमेशा स्वच्छ रखें। 
  • मंत्र को सिद्धि करना चाहते हैं या किसी मनोकामना की प्राप्ति के लिए मंत्र जप कर रहे हैं तो इसके बारे में गलती से भी किसी को न बताएं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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