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किसानों के आंदोलन से रोज हो रहा है 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान, Assocham ने किया दावा

सीआईआई ने कहा कि अर्थव्यवस्था को वृद्धि की राह पर लाने की चुनौती के बीच हम सभी अंशधारकों से आग्रह करते हैं कि वे मौजूदा विरोध-प्रदर्शन के बीच कोई रास्ता ढूंढे और आपसी सहमति के समाधान पर पहुंचें।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: December 16, 2020 8:27 IST
Farmers' protest resulting in daily loss of Rs 3,500 cr, said Assocham- India TV Paisa
Photo:PTI

Farmers' protest resulting in daily loss of Rs 3,500 cr, said Assocham

नई दिल्‍ली। उद्योग मंडल एसोचैम (Assocham) ने मंगलवार को कहा कि किसानों के आंदोलन (Farmers' protest) की वजह से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को बड़ी चोट पहुंच रही है। एसोचैम ने केंद्र और किसान संगठनों से नए कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को जल्द दूर करने का आग्रह किया है। उद्योग मंडल के मोटे-मोटे अनुमान के अनुसार किसानों के आंदोलन की वजह से क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला और परिवहन प्रभावित हुआ है, जिससे रोजाना 3,000-3,500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचाल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्थाओं का सामूहिक आकार करीब 18 लाख करोड़ रुपये है। किसानों के विरोध-प्रदर्शन, सड़क, टोल प्लाजा और रेल सेवाएं बंद होने से आर्थिक गतिविधियां ठहर गई हैं। इससे पहले भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सोमवार को कहा था कि किसान आंदोलन की वजह से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई। आगामी दिनों में अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखेगा। इससे अर्थव्यवस्था का पुनरोद्धार भी प्रभावित हो सकता है।

हीरानंदानी ने कहा कि कपड़ा, वाहन कलपुर्जा, साइकिल, खेल का सामान जैसे उद्योग क्रिसमस से पहले अपने निर्यात ऑर्डरों को पूरा नहीं कर पाएंगे, जिससे वैश्विक कंपनियों के बीच उनकी छवि प्रभावित होगी। कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि पिछले 20 दिनों में, दिल्‍ली व आसपास के इलाकों में 5000 करोड़ रुपये के व्‍यापार व अन्‍य व्‍यापारिक गतिविधियों का नुकसान हुआ है।

सीआईआई ने कहा कि अर्थव्यवस्था को वृद्धि की राह पर लाने की चुनौती के बीच हम सभी अंशधारकों से आग्रह करते हैं कि वे मौजूदा विरोध-प्रदर्शन के बीच कोई रास्ता ढूंढे और आपसी सहमति के समाधान पर पहुंचें। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान किसान आंदोलन काफी तेज हो गया है। इससे उत्तरी राज्यों मसलन दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान तथा कुछ अन्य राज्यों में विभिन्न नाकों या चौकियों पर यातायात बाधित हुआ है। सीआईआई ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन से आपूर्ति श्रृंखला पहले ही काफी बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब आपूर्ति श्रृंखला में सुधार हो रहा था लेकिन किसान आंदोलन की वजह से यह फिर दबाव में आ गई है। उद्योग मंडल ने कहा कि सामान की करीब दो-तिहाई खेप को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अपने गंतव्यों पर पहुंचने में 50 प्रतिशत अतिरिक्त समय लग रहा है। इसके अलावा हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब के भंडारगृहों से परिवहन वाहनों को दिल्ली पहुंचने के लिए 50 प्रतिशत अधिक यात्रा करनी पड़ रही है।

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