1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सोलर ट्रेकिंग सिस्टम के लिये साथ आए जर्मनी-भारत, दोनों देशों की निजी कंपनी के बीच शुरू होगा जॉइंट वेंचर

सोलर ट्रेकिंग सिस्टम के लिये साथ आए जर्मनी-भारत, दोनों देशों की निजी कंपनी के बीच शुरू होगा जॉइंट वेंचर

 Published : Sep 15, 2018 05:07 pm IST,  Updated : Sep 15, 2018 05:07 pm IST

सोलर ट्रेकिंग सिस्टम के लिये जर्मनी की कंपनी डीईजीईआर एनर्जी और महाराष्ट्र की कंपनी कावित्सू रोबोट्रोनिक्स प्रा. लि. के बीच संयुक्त उद्यम समझौता हुआ है।

Solar- India TV Hindi
Solar

नई दिल्ली। सौर ऊर्जा प्रणालियों के जरिये सूर्य से दिन के समय अधिक से अधिक ऊर्जा प्राप्त करने में उपयोगी सोलर ट्रेकिंग सिस्टम के लिये जर्मनी की कंपनी डीईजीईआर एनर्जी और महाराष्ट्र की कंपनी कावित्सू रोबोट्रोनिक्स प्रा. लि. के बीच संयुक्त उद्यम समझौता हुआ है। सरकार ने अक्षय ऊर्जा साधनों के तहत देश में 2022 तक 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें सौर ऊर्जा से 250 गीगावाट, पवन ऊर्जा से 100 गीगावाट उत्पादन का लक्ष्य है। 

कंपनी की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार संयुक्त उद्यम के तहत जर्मनी की आधुनिक तकनीक से भारत में सौर ट्रकिंग प्रणाली का उत्पादन किया जा सकेगा। नई संयुक्त उद्यम कंपनी का नाम कावित्सूडेगर प्रा. लिमिटेड होगा। यह संयुक्त उद्यम कंपनी भारत और दक्षिण पूर्वी एशियाई बाजारों में सोलर ट्रेकिंग सिस्टम की आपूर्ति करेगी। संयुक्त उद्यम महाराष्ट्र के सतारा में लगाया जायेगा। 

डीईजीईआर की स्थापना जर्मनी में 1999 में हुई थी। कंपनी की स्पेन, यूनान और आस्ट्रेलिया में भी शाखायें हैं। दक्षिण अफ्रीका और भारत में भी यह अपना विस्तार कर रही है। 

कावित्सू डेगेर के सीईओ कौस्तुभ फाडतरे ने कहा कि हम संयुक्त उद्यम के जरिये भारत में 50 प्रतिशत बाजार हिस्सा हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं। सोलर ट्रेकिंग सिस्टम के जरिये सूर्य की गति के साथ सोलर पैनल की दिशा भी बदलती रहती है जिससे अधिक से अधिक सौर ऊर्जा को प्राप्त किया जा सकता है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा