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Remdesivir इंजेक्शन और Remdesivir API के निर्यात पर रोक, कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद फैसला

देश में फिलहाल कोरोना के 11 लाख से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। इससे Remdesivir की मांग में तेज उछाल देखने को मिला है। मांग में आई तेजी से इसकी कई जगह किल्लत भी देखने को मिली है, इसी वजह से निर्यात पर रोक लगाया गया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: April 11, 2021 23:28 IST
Remdesivir इंजेक्शन और Remdesivir API के निर्यात पर रोक, कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद फैसला- India TV Paisa
Photo:PTI FILE PHOTO

Remdesivir इंजेक्शन और Remdesivir API के निर्यात पर रोक, कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद फैसला

नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए मामलों में रिकॉर्ड उछाल को देखते हुए सरकार ने Remdesivir इंजेक्शन और Remdesivir API (Active Pharmaceutical Ingredients)  के निर्यात पर रोक लगा दी है। सरकार के मुताबिक ये रोक तब तक जारी रहेगी जब तक देश में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नहीं आती। इसके साथ ही ऐसे कदम भी उठाए जा रहें हे जिससे दवा अस्पतालों और मरीजों को आसानी से उपलब्ध हो सके। सरकार के मुताबिक इस बात की आशंका है कि आने वाले समय में दवा की मांग बढ़ सकती है, इसी वजह से सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

मरीजों और अस्पतालों को दवा आसानी से मिले इसके लिए सरकार ने Remdesivir के सभी घरेलू उत्पादकों को सलाह दी है कि वो अपनी वेबसाइट पर अपने सभी डिस्ट्रीब्यूटर और स्टाकिस्ट की जानकारी दें। इसके साथ अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वो किसी भी तरह की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखें, और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। राज्यों के स्वास्थ्य सचिव स्थिति की लगातार समीक्षा करेंगे। वहीं फार्मा विभाग घरेलू उत्पादन कर्ताओं से उत्पादन बढ़ाने को लेकर विचार विमर्श कर रहा है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इन कदमों से दवा की किल्लत दूर होगी और अस्पतालों और मरीजों को दवा मिल सकेगी।  इसके साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि कोरोना के इलाज और Remdesivir के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञों की कमेटी की मदद से तैयार प्रोटोकॉल का पालन करें।  फिलहाल देश में 7 भारतीय कंपनियां Remdesivir इंजेक्शन तैयार कर रही हैं। जिनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 39 लाख यूनिट प्रति माह है। 

देश में फिलहाल कोरोना के 11 लाख से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। इससे Remdesivir की मांग में तेज उछाल देखने को मिला है। मांग में आई तेजी से इसकी कई जगह किल्लत की खबरें भी सामने आई हैं। Remdesivir के कोरोना के सभी मामलों में एक जैसे असर को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री सलाह दे चुके हैं कि डॉक्टर Remdesivir देने की फैसला जरूरत के आधार पर लें। सरकार फिलहाल कोरोना को नियंत्रण में लाने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग और टीकाकरण पर जोर दे रही है। पिछले 24 घंटे में 35 लाख डोज दी जा चुकी हैं वहीं 14 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं।

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