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मौजूदा खरीफ सीजन में 680 लाख टन धान की खरीद, पिछले साल के मुकाबले 14% की बढ़त

मौजूदा खरीफ सीजन में जारी खरीद से करीब एक करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं। इन किसानों को अब तक सरकार की तरफ से 1.28 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। कुल खरीद में पंजाब की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: March 17, 2021 15:11 IST
680 लाख टन धान की खरीद- India TV Hindi News
Photo:PTI

680 लाख टन धान की खरीद

नई दिल्ली। सरकार ने मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान एमएसपी पर पिछले साल के मुकाबले 13.98 प्रतिशत ज्यादा धान की खरीद की है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आज ये जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक सीजन के दौरान अब तक 680.68 लाख टन धान की खरीद की गई, जो कि पिछले साल के मुकाबले 13.98 प्रतिशत ज्य़ादा रही है। सरकार के मुताबिक इस अवधि के दौरान पंजाब से हुई खरीद कुल खरीद का 29.79 प्रतिशत हिस्सा है।

मंत्रालय के मुताबिक इस दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि 15 मार्च तक इन राज्यों से 680 लाख टन धान की खरीद हुई है जो कि पिछले साल की इसी अवधि में 597 लाख टन थी। वर्तमान खरीद में पंजाब की हिस्सेदारी 202 लाख टन है। मौजूदा खरीफ सीजन में जारी खरीद से करीब एक करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं। इन किसानों को अब तक सरकार की तरफ से 1.28 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है।

इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 और रबी विपणन सत्र 2021 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 106.62 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और कोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

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