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सरकार करेगी राष्‍ट्रीय व्‍यापारी कल्‍याण बोर्ड का गठन, बनाई जाएगी राष्‍ट्रीय खुदरा व्‍यापार नीति : राष्‍ट्रपति

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 20, 2019 12:56 pm IST,  Updated : Jun 20, 2019 12:56 pm IST

संसद के ऐतिहासिक कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि अब भारत, जीडीपी की दृष्टि से दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

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president ramnath kovind Image Source : PRESIDENT RAMNATH KOVIND

नई दिल्‍ली। आर्थिक विकास और छोटे व्‍यापारियों के हितों पर ध्यान दिलाते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को कहा कि  देशवासियों का जीवन बेहतर बनाने में आर्थिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से विकसित हो रही अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है। महंगाई दर कम है, फिस्कल डेफ़िसिट नियंत्रण में है, विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ रहा है तथा मेक इन इंडिया का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

संसद के ऐतिहासिक कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि अब भारत, जीडीपी की दृष्टि से दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। विकास दर को उच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए Reforms की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2024 तक, भारत 5 लाख करोड़  डॉलर की इकॉनॉमी बने।

भारत को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के लिए तेज़ी से काम हो रहा है। इंडस्ट्री 4.0 को ध्यान में रखते हुए, जल्द ही नई औद्योगिक नीति की घोषणा की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में वर्ष 2014 में भारत 142वें स्थान पर था। पिछले 5 वर्षों में 65 रैंक ऊपर आकर हम 77वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अब विश्व के शीर्ष 50 देशों की सूची में आना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए राज्यों के साथ मिलकर, नियमों को सरल बनाने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में कंपनी कानून में भी आवश्यक बदलाव लाए जा रहे हैं।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में, टैक्स-व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। टैक्स-व्यवस्था में निरंतर सुधार के साथ-साथ सरलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। 5 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त करने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्‍होंने कहा कि इसी प्रकार, अप्रत्यक्ष कर-व्यवस्था को भी आसान और प्रभावी बनाया जा रहा है। GST के लागू होने से एक देश, एक टैक्स, एक बाजार की सोच  साकार हुई है। GST को और सरल बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

राष्‍ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मेरी सरकार ने उनके लिए नई पेंशन योजना शुरू की है। अब जल्द ही राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा और खुदरा कारोबार में बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति भी बनाई जाएगी। GST के तहत रजिस्टर्ड, सभी व्यापारियों को, 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर, देश की अर्थ-व्यवस्था का मजबूत आधार है। रोजगार सृजन में इस सेक्टर की बहुत बड़ी भूमिका होती है। छोटे उद्यमियों के व्यापार में कैश-फ्लो बना रहे, इसके लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। MSME सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को ऋण लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए क्रेडिट गारंटी कवरेज का दायरा एक लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

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