Sunday, January 25, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. मोदी सरकार पेश करेगी नई नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी, 12 माह की समय-सीमा की तय

मोदी सरकार पेश करेगी नई नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी, 12 माह की समय-सीमा की तय

इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन कारोबार करने वाली कई विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों ने नीति के मसौदे में दिए गए कुछ बिंदुओं को लेकर चिंता जताई थी।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Jun 25, 2019 06:40 pm IST, Updated : Jun 25, 2019 06:40 pm IST
Govt to come out with national e-commerce policy within 12 months- India TV Paisa
Photo:E-COMMERCE POLICY

Govt to come out with national e-commerce policy within 12 months

नई दिल्ली। मोदी सरकार अगले 12 माह के दौरान राष्ट्रीय ई-कॉमर्स पॉलिसी जारी कर देगी। इस पॉलिसी से इंटरनेट से ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म के जरिये होने वाले कारोबार का समग्र विकास करने में मदद मिलेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ई-कॉमर्स कंपनियों सहित विभिन्न संबद्ध पक्षों के साथ लगातार दूसरे दिन चली बैठक के दौरान यह बात कही।

अधिकारी ने कहा कि हम अगले 12 माह के दारान एक राष्ट्रीय ई-कॉमर्स पॉलिसी लाने के लिए संस्थागत रूपरेखा बनाएंगे। सरकार ने इससे पहले फरवरी में राष्ट्रीय ई-कॉमर्स पॉलिसी का मसौदा जारी किया था। इसमें सीमा पार आंकड़ों और जानकारी के प्रवाह को प्रतिबंधित करने के लिए वैधानिक और प्रौद्योगिकीय ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया था। इसके साथ ही इसमें कारोबारियों के लिए संवेदनशील आंकड़ों और जानकारियों को स्थानीय स्तर पर जुटाने और उसका प्रसंस्करण करने तथा विदेशों में उसे रखने को लेकर नियम और शर्तें भी रखी गई थी।

इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन कारोबार करने वाली कई विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों ने नीति के मसौदे में दिए गए कुछ बिंदुओं को लेकर चिंता जताई थी। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के तहत एक अंतर-मंत्रीस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और ई-कॉमर्स पॉलिसी के मसौदे को लेकर संबद्ध पक्षों की शिकायतों का समाधान करेगी।

गोयल ने बैठक में यह भी कहा कि ई-कॉमर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के बारे में जिक्र करने वाले प्रेस नोट-2 अपने आप में चीजों को पूरी तरह स्पष्ट करता है और इस मामले में सरकार ने मौजूदा कानून में कोई बदलाव नहीं किया है। बैठक में भाग लेने वाली कंपनियां भी इससे सहमत हैं।

मंत्री ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि आंकड़ों और ई-कॉमर्स के मुद्दे पर भारत पूरी दुनिया के साथ जुड़ाव रखना चाहता है, लेकिन इस मामले में एक दूसरे की तरफ से बराबरी का सहयोग मिलना चाहिए।

बैठक में फ्लिपकार्ट, अमेजन, स्नैपडील, पेटीएम, ईबे, मेकमाईट्रिप, स्विगी और अन्य कंपनियां उपस्थित थीं। इस मामले में खुदरा और ई-कॉमर्स कंपनियों से मंत्री की एक बौर और बैठक होगी, जिसमें उनकी समस्याओं का आगे और समाधान हो सकेगा।

ई-कॉमर्स कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने जीएसटी और छूट से जुड़े मुद्दों को बैठक में उठाया। फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्‍याण कृष्णमूर्ति ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि देश में गतिशील ई-कॉमर्स बाजार और डिजिटल भारत बनाने के उद्देश्य से सरकार के स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की कंपनी सराहना करती है। वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी व्यावसयिक जगत के साथ मंत्री पीयूष गोयल द्वारा की जा रही अनेक विचार-विमर्श बैठकों का कंपनी स्वागत करती है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement