भारत ने इस साल सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम के साथ जुलाई में CETA (कॉम्प्रेहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) डील की थी।
भारत पहले ही यूएई, ऑस्ट्रेलिया और चार देशों के यूरोपीय EFTA समूह के साथ FTA लागू कर चुका है। उम्मीद है इन देशों के साथ भी जल्द सहमति बनेगी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक संतुलित और परस्पर लाभकारी व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए रचनात्मक रूप से काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
न्यूजीलैंड के मंत्री ने कहा कि हम एक ऐसा समझौता तैयार कर रहे हैं जो भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड और न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारत में नए अवसर प्रदान करेगा।
न्यूजीलैंड विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है और ऐसे में इस क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ाने की उसकी मांग को लेकर भारत की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पीयूष गोयल ने बताया कि हमने पिछले तीन वर्षों में कई विकसित देशों के साथ FTA किए हैं। फिलहाल भारतीय सरकारी टीम वॉशिंगटन में है और 17 अक्टूबर तक अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ निर्णायक व्यापार वार्ताओं में हिस्सा ले रही है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार प्रदर्शन की समीक्षा करने, व्यापार में मौजूद बाधाओं और गैर-शुल्क मुद्दों को हल करने और व्यापार तथा निवेश के प्रवाह को बढ़ाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा करेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों ने समझौते की संभावित रूपरेखा पर विचारों का आदान-प्रदान किया और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया।"
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों का एक दल 16 सितंबर, 2025 को भारत आया था।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत पहले ही मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते कर चुका है।
भारत और अमेरिका के बीच बीटीए पर बातचीत मार्च 2025 से शुरू हुई थी और अब तक पांच दौर पूरे हो चुके हैं। हालांकि, 27 अगस्त से लागू 50% आयात शुल्क के चलते दोनों देशों के बीच दूरियां बढ़ी हैं।
इस कदम से देश में ज्यादा अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। ये कानून देश के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के सरकार की कोशिशों का हिस्सा है।
अधिकारी ने बताया कि मछली पालन, इंजीनियरिंग, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों के एक्सपोर्टर भी इस विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, इसे लागू करने से पहले ब्रिटिश संसद और भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी लेनी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी इसी तरह के भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके शासन ने देश के युवाओं के लिए स्व-रोज़गार और उद्यमिता से लेकर सभी क्षेत्रों में अवसरों के द्वार खोले हैं।
दुनिया के कई देशों के साथ भारत ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। वहीं कई देशों के साथ अभी बातचीत चल रही है। इसका फायदा भारतीय निर्यातकों को होगा। इस साल निर्यात बढ़ने का अनुमान है।
भारत और अमेरिका के बीच इस बातचीत का मकसद 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करके 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है।
गोयल ने भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों पर लगाए गए एफडीआई प्रतिबंधों में ढील देने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि चीन से अधिक एफडीआई नहीं आ रहा है और सरकार इसे बढ़ावा भी नहीं दे रही है।
पीयूष गोयल ने कहा कि हम बहुत सारे विषयों, बहुत सारे उत्पादों को कवर कर रहे हैं और मैं देश भर के कारोबारियों को आश्वस्त कर सकता हूं कि हम अपनी चर्चाओं में भारत के सर्वोत्तम हितों को सबसे आगे रख रहे हैं।
पड़ोसी देश चीन की ग्रोथ स्टोरी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीन के विकास की नींव अनुचित व्यापार प्रथाओं से बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का ध्यान फेयर प्ले को वापस लाने, वस्तुओं और सेवाओं की प्राइसिंग को एक उचित मूल्य पर लाने पर है।
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