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Granules India हैदराबाद में लगाएगी दवा कारखाना, निदेशक मंडल ने दी मंजूरी

कंपनी ने हालांकि इसके बारे में अधिक ब्योरा नहीं दिया। बीएसई पर सोमवार को कंपनी का शेयर 0.69 प्रतिशत की तेजीके साथ 373.50 पर कारोबार कर रहा था।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: November 09, 2020 12:29 IST
दवा कंंपनी ग्रेनुएल्‍स इंडिया का लोगो व ब्रांड नेम। (च‍ित्र प्रतीकात्‍मक)- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

दवा कंंपनी ग्रेनुएल्‍स इंडिया का लोगो व ब्रांड नेम। (च‍ित्र प्रतीकात्‍मक)

नई दिल्‍ली। दवा कंपनी गेनुलेस इंडिया ने सोमवार को कहा कि कंपनी निदेशक मंडल ने हैदराबाद में अनुषंगी इकाई लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यहां कंपनी अपने दवा फार्मुलेशन कारोबार के लिए नया कारखाना लगाएगी। ग्रेनुलेस ने एक नियामकीय सूचना में कहा है कि निदेशक मंडल ने अपनी बैठक में भारत में हैदराबाद में अपने फार्मूलेशंस व्यवसाय के लिए नई पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी स्थापित करने को मंजूरी दी है।

 कंपनी ने हालांकि इसके बारे में अधिक ब्योरा नहीं दिया। बीएसई पर सोमवार को कंपनी का शेयर 0.69 प्रतिशत की तेजीके साथ 373.50 पर कारोबार कर रहा था।

सरकार की इरकॉन इंटरनेशनल में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना

सरकार रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल लि. में शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। फिलहाल इरकॉन इंटरनेशनल लि. में सरकार की हिस्सेदारी 89.18 प्रतिशत है।

एक अधिकारी ने बताया कि हम बाजार परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर तक इरकॉन का ओएफएस लाने की योजना बना रहे हैं। इसके जरिये कंपनी की 10 से 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी। रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी इरकॉन 2018 में शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुई थी। कंपनी ने उस समय आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 467 करोड़ रुपये जुटाए थे। बीएसई में शुक्रवार को इरकॉन का शेयर 77.95 रुपये पर बंद हुआ। मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से सरकार इरकॉन में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 540 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार का इरादा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) में हिस्सेदारी बिक्री से 1.20 लाख करोड़ रुपये तथा वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से 90,000 करोड़ रुपये जुटाने का है।

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