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सरकारी खर्च, टीकाकरण बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों में और तेजी आएगी: अमिताभ कांत

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 24, 2021 08:26 pm IST,  Updated : Mar 24, 2021 08:26 pm IST

कोरोना के टीकाकरण में तेजी की मदद से कम से कम एक डोज पाने वालों की संख्या 5 करोड़ के पार पहुंच गई है। पहली अप्रैल से 45 साल से ऊपर के लोगों की वैक्सीनेशन शुरू करने से संख्या में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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टीकाकरण और सरकारी खर्च में तेजी से बढ़ेगी आर्थिक गतिविधियां Image Source : PTI

नई दिल्ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि सरकार के पूंजी व्यय में वृद्धि, कोविड-19 टीकाकरण में तेजी तथा लंबे समय से अटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाये जाने का जो संकल्प जताया गया है, उससे देश में औद्योगिक गतिविधियों में और गति आने की उम्मीद है। भारत और ब्रिटेन की कंपनियों के संयुक्त मंच ‘यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ की ओर से ‘ऑनलाइन’ आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांत ने आगे कहा कि कोविड-19 संकट के कारण भारत की अर्थव्यवस्था और समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजकोषीय, वित्तीय और दीर्घकालीन संरचनात्क सुधारों को आगे बढ़ाये जाने से रिकवरी में तेजी देखने को मिली है। सरकार के पूंजी व्यय में वृद्धि, कोविड-19 टीकाकरण में तेजी तथा लंबे समय से अटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाये जाने का जो संकल्प जताया गया है, उससे देश में औद्योगिक गतिविधियों में और गति आने की उम्मीद है।’’ कांत ने कहा कि भारत एकमात्र देश है जिसने मध्यम से दीर्घावधि में आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिये संरचनाात्मक सुधारों का रास्ता अपनाया है। महामारी के दौरान भी भारत एक तरजीही निवेश गंतव्य बना रहा। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह नवंबर 2020 में 9.8 अरब डॉलर रहा जो अबतक किसी एक महीने में सर्वाधिक है।’’

नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि भारत फिलहाल नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रम को तेजी से बढ़ा रहा है। देश ने कुल बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत करने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के तहत वैश्विक स्तर पर संकल्प जताया है। उन्होंने कहा कि भारत में ब्रिटेन के उद्योग के लिये ऊर्जा प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। कांत ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि संरचनात्मक और नियामकीय सुधारों से वैश्विक निवेशकों के लिये बेहतर परिवेश सुनिश्चित होगा।’’

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