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आंदोलन कर रहे किसानों को सरकार ने दी खुशखबरी, भुगतान में हुई देरी तो मिलेगा 9% ब्याज

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को घोषणा की कि यदि एक अप्रैल से शुरू होने वाले रबी सत्र के दौरान किसानों को उनकी फसलों की खरीद के लिए भुगतान किये जाने में देर की जाती है तो उन्हें नौ प्रतिशत की ब्याज का भी भुगतान किया जायेगा।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: March 24, 2021 13:42 IST
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आंदोलन कर रहे किसानों को सरकार ने दी खुशखबरी, भुगतान में हुई देरी तो मिलेगा 9% ब्याज

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को घोषणा की कि यदि एक अप्रैल से शुरू होने वाले रबी सत्र के दौरान किसानों को उनकी फसलों की खरीद के लिए भुगतान किये जाने में देर की जाती है तो उन्हें नौ प्रतिशत की ब्याज का भी भुगतान किया जायेगा। खरीद की गई फसलों का भुगतान सीधे किसानों के सत्यापित खातों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित आगामी खरीद सत्र में लगे अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी बैठक में मौजूद थे।

खट्टर ने कहा, ‘‘किसानों को निर्धारित समय अवधि के भीतर अपनी खरीदी गई उपज का भुगतान प्राप्त करना होगा। भुगतान में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर भुगतान किया जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय की जानी चाहिए।’’ बैठक के दौरान, खट्टर ने फसलों की सुचारू खरीद के लिए किए जा रहे प्रबंधों की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि राज्य भर में विभिन्न मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचते समय किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

खट्टर ने कहा, ‘‘अग्रिम निर्धारित योजना बनाकर परेशानी से मुक्त और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल की तरह राज्य में कोविड ​​-19 मामलों में अचानक वृद्धि को देखते हुए, खरीद केंद्रों की आवश्यक संख्या में भी वृद्धि की जानी चाहिए ताकि परेशानी मुक्त खरीद सुनिश्चित की जा सके। गेहूं और सरसों की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी, जबकि अन्य फसलों की खरीद 10 अप्रैल से शुरू होगी। खट्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन खरीद केंद्रों की स्थापना के लिए आवश्यक स्थानों की समय पर पहचान जल्द से जल्द की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मंडियों से फसलों को समय पर उठाने के लिए उपयुक्त परिवहन व्यवस्था की जानी चाहिए और अगर कोई ट्रांसपोर्टर 48 घंटे के भीतर फसलों को उठाने में विफल रहता है, तो उपायुक्तों को किसी भी वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के साथ तैयार रहना चाहिए।’’ बैठक के दौरान, खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अनुराग रस्तोगी ने बताया कि खरीद के पूरे मौसम में उक्त बातों के सख्त कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक उपायुक्त को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) / दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक खरीद केंद्र पर कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए।

पिछले सप्ताह यहां विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोविड-19 टीकाकरण अभियान, फसल खरीद और अन्य मुद्दों के संबंध में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, खट्टर ने कहा था कि इस साल की खरीद प्रक्रिया के दौरान, राज्य सरकार ने किसानों के खातों में प्रत्यक्ष रूप से 100 प्रतिशत राशि के ऑनलाइन भुगतान हस्तांतरण सुनिश्चित करने का फैसला किया है।

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