मुंबई। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 4,709 करोड़ रुपए का एकीकृत शुद्ध मुनाफा कमाया। संपत्ति की गुणवत्ता बेहतर होने और फंसे हुए कर्ज के लिए प्रावधान में कमी के चलते बैंक के लाभ में यह बढ़ोतरी हुई है।
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भारतीय स्टेट बैंक ने शुक्रवार को नियामक को दी गई जानकारी में कहा कि पिछले साल की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसे 1,886.57 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था। एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ 3,954.81 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक को 2,416.37 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था।
बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने परिणाम को लेकर कहा कि दिसंबर तिमाही के परिणाम लाभ, कारोबार वृद्धि और संपत्ति की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं पर प्रदर्शन में बेहतरीन सुधार देखने को मिला है। आलोच्य अवधि में बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया और यह कुल ऋण के 10.35 प्रतिशत से घटकर 8.71 प्रतिशत के स्तर पर आ गया। इससे बैंक का शुद्ध एनपीए भी 5.61 प्रतिशत से गिरकर 3.95 प्रतिशत हो गया।
अक्टूबर-दिसंबर, 2018 की तिमाही में कर्ज के लिए प्रावधान 39 प्रतिशत घटकर 14,171 करोड़ रुपए से 8,670 करोड़ रुपए हो गया। इसी प्रकार फंसे हुए कर्ज के लिए प्रावधान में 21.33 प्रतिशत की कमी की गई है। यह 17,760 करोड़ रुपए से घटकर 13,971 करोड़ रुपए के स्तर पर आ गया है।
बैंक ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर, 2018 के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय 84,350.11 करोड़ रुपए रही। पिछले साल की इसी अवधि में बैंक की कुल आमदनी 74,190.87 करोड़ रुपए रही थी।