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शराब हुई सस्ती, दाम में कटौती का ऐलान किया गया

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 19, 2021 10:39 pm IST,  Updated : Nov 19, 2021 10:39 pm IST

शराब के दाम कम होने को लेकर बड़ी खबर है। अगर आप भी शराब पीते है तो आपको बता दें कि शराब के दाम कम हो गए है।

शराब हुई सस्ती, दाम में कटौती का ऐलान किया गया- India TV Hindi
शराब हुई सस्ती, दाम में कटौती का ऐलान किया गया Image Source : PIXABAY

Highlights

  • महाराष्ट्र सरकार ने स्कॉच पर उत्पाद शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती की।
  • राजस्व बढ़कर 250 करोड़ रुपये होने की उम्मीद।
  • स्कॉच व्हिस्की पर उत्पाद शुल्क को विनिर्माण लागत के 300 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी कर दिया गया।

मुंबई: शराब के दाम कम होने को लेकर बड़ी खबर है। अगर आप भी शराब पीते है तो आपको बता दें कि शराब के दाम कम हो गए है। यह दाम महाराष्ट्र में कम हुए है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने आयातित स्कॉच व्हिस्की पर उत्पाद शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की है ताकि इसकी कीमत अन्य राज्यों के बराबर हो सके। अधिकारी ने कहा, 'आयातित स्कॉच व्हिस्की पर उत्पाद शुल्क को विनिर्माण लागत के 300 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। आयातित स्कॉच की बिक्री से महाराष्ट्र सरकार को सालाना करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। अधिकारी ने कहा कि राजस्व बढ़कर 250 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है क्योंकि बिक्री एक लाख बोतलों से बढ़कर 2.5 लाख बोतल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शुल्क में कमी से अन्य राज्यों से स्कॉच की तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर भी अंकुश लगेगा।

वाहन ईंधन पर ‘अत्यधिक’ करों को और कम करे केंद्र: तमिलनाडु

तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर करों में और कमी करने से इनकार किया और कहा कि केंद्र को अपने 'अत्यधिक' करों को कम करना चाहिए क्योंकि लगभग सभी राज्य ‘मूल्यानुसार’ कराधान का अनुपालन करते हैं। राज्य के वित्त और मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री पलानीवेल त्याग राजन ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र को सरल और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाकर पेट्रोल और डीजल पर करों को कम करना चाहिए। केंद्र सरकार को 2014 की दर को रखना चाहिए। 

इस तरह के कदम से राज्यों का कराधान स्वत: कम हो जाएगा क्योंकि लगभग सभी राज्य मूल्यानुसार कराधान लेते हैं।’’ उन्होंने केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में उसने बार-बार पेट्रोल और डीजल पर कर बढ़ाया है, लोगों पर भारी बोझ डाला है और उनकी सरकार लगातार उनसे करों में वृद्धि को वापस लेने का आग्रह करती रही है। 

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