नई दिल्ली। इस साल मानसून की समय से पहले शुरुआत के बाद अब यह सुस्त पड़ गया है, मौसम का आकलन करने वाली निजी संस्था स्काइमेट के प्रधान मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने इंडिया टीवी को बताया कि 22 जून से पहले मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद कम है, महेश के मुताबिक 22 जून के बाद ही मानसून मध्य भारत की ओर बढ़ेगा और तबतक मध्य भारत में बरसात होने की उम्मीद कम ही है।
Related Stories
महेश पलावत के मुताबिक दिल्ली में मानसून के जून अंत तक ही पहुंचने की उम्मीद है, सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून की पहली बरसात 28-29 जून को होती है और अभी तक जो परिस्थितियां बनी हुई है उसके मुताबिक दिल्ली में मानसून समय पर ही पहुंचने की संभावना है।
गौरलतब है कि मानसून ने सामान्य से 3 दिन पहले यानि 29 मई को केरल के तट पर अपनी दस्तक दी थी और उसके बाद तेजी से कर्नाटक और महाराष्ट्र की तरफ बढ़ा है, लेकिन अब लंबे समय से मानसून महाराष्ट्र के आगे मध्य भारत की तरफ नहीं बढ़ पाया है। महेश पलावत के मुताबिक 22 जून के बाद मानसून के दोबारा आगे बढ़ने की उम्मीद है और उसके बाद यह तेजी से आगे बढ़ सकता है।
अबतक बीते मानसून सीजन के दौरान देशभर में औसतन सामान्य के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक बरसात दर्ज की गई है, मौसम विभाग के मुताबिक पहली जून से लेकर 17 जून तक देशभर में औसतन 75.7 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि सामान्य तौर पर इस दौरान 72.8 मिलीमीटर बरसात होती है। इस दौरान पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत को छोड़ देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से अधिक बरसात दर्ज की गई है।