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फसलों की कटाई और बुवाई पर आंदोलन, कोरोना का असर नहीं, अच्छी पैदावार का अनुमान

देशभर में रबी फसलों की कटाई तकरीबन 50 फीसदी पूरी हो चुकी है और जायद सीजन की फसलों की बुवाई पिछले साल से 20 फीसदी से बढ़कर 56.40 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो चुका है

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: March 29, 2021 8:42 IST
फसलों की कटाई पर...- India TV Paisa
Photo:PTI

फसलों की कटाई पर कोरोना का असर नहीं 

नई दिल्ली|  किसान आंदोलन और देश में गहराते कोरोना के कहर के बावजूद रबी फसलों की कटाई और जायद सीजन की फसलों की बुवाई बिना किसी रुकावट से चल रही है। देशभर में रबी फसलों की कटाई तकरीबन 50 फीसदी पूरी हो चुकी है और  जायद सीजन की फसलों की बुवाई पिछले साल से 20 फीसदी से बढ़कर 56.40 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो चुका है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते सप्ताह तक देशभर में रबी फसलों की करीब 48 फीसदी कटाई हो चुकी थी। कृषि विशेषज्ञ व वैज्ञानिक बताते हैं कि इस साल रबी सीजन में मौसम अनुकूल रहने से गेहूं, सरसों और चना समेत तमाम प्रमुख फसलों की अच्छी पैदावार है।

वहीं, चालू जायद सीजन यानी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले ज्यादा तेजी से चल रही है। चालू बुवाई सीजन में सबसे ज्यादा धान की खेती 36.87 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इसी अवधि में 31.62 लाख हेक्टयर में ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई हुई थी। दलहनों की बुवाई का रकबा पिछले साल के 3.58 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.53 लाख हेक्टेयर हो गया है। मोटे अनाजों की बुवाई 6.79लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में मोटे अनाजों की खेती 6.72 लाख हेक्टेयर में हुई थी। तिलहनों की बुवाई 7.20 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ग्रीष्मकालीन तिलहनों की बुवाई 6.91 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

बीते साल कोरोना महामारी के दौरान भी खेती के कार्यों को प्रतिबंधों से पूरी छूट दी गई थी जिसकी वजह से महामारी के दौरान कृषि सेक्टर का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। वहीं सबसे दबाव वाली तिमाही में इसी सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिली थी। अच्छे मॉनसून की वजह से इस साल भरपूर पैदावार होने की उम्मीद है, वहीं सरकार का अनुमान है कि आगे भी कृषि क्षेत्र मे काफी उम्मीदें बनी रहेंगी। 

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