1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे ‘भगोड़ों’ की संपत्ति जब्त करने का मिला अधिकार, राष्ट्रपति ने अध्यादेश मंजूर किया

नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे ‘भगोड़ों’ की संपत्ति जब्त करने का मिला अधिकार, राष्ट्रपति ने अध्यादेश मंजूर किया

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 22, 2018 06:08 pm IST,  Updated : Apr 22, 2018 06:08 pm IST

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश- 2018 को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे अब अधिकारियों को बैंकों के साथ धोखाधड़ी और जानबूझ कर ऋण न चुकाने जैसे आर्थिक अपराध कर देश से भागने वाले लोगों की संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है।

President okays new law on property seize of economic fugitives- India TV Hindi
President okays new law to put brakes on Nirav Modi and Vijay Mallya type fugitives

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश- 2018 को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे अब अधिकारियों को बैंकों के साथ धोखाधड़ी और जानबूझ कर ऋण न चुकाने जैसे आर्थिक अपराध कर देश से भागने वाले लोगों की संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि यह अध्यादेश उन आर्थिक अपराधियों के लिए लाया गया जो देश की अदालतों के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर भाग कर कानूनी प्रक्रिया बच रहे हैं। 

बयान में किसी का नाम निये बिना कहा गया है कि इस अध्यादेश की जरूरत थी क्योंकि अपराध के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होने की संभावना या कानूनी प्रक्रिया के बीच में ही देश की अदालतों के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर भागने वालों की संख्या बढ़ी है। इस अध्यादेश का उद्देश्य भगोडे़ आभूषण कारोबारी नीरव मोदी जैसे व्यक्तियों की धोखाधड़ी से सरकारी खजाने या सकारी बैंकों को हुए नुकसान की त्वरित वसूली की कार्रवाई की कानूनी व्यवस्था करना है। नीरव मोदी और उसके साहयोगियों पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ करीब 14000 करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी करने का आरोप है। 

इसकी जरूरत बताते हुए बयान में कहा गया कि इस तरह के अपराधियों के भारतीय अदालतों के सामने हाजिर नहीं होने से जांच में बाधाएं आती हैं तथा अदालत का समय बर्बाद होता है। इससे कानून का शासन भी कमजोर होता है। बयान में कहा गया है कि कानून में मौजूद दिवानी एवं फौजदारी प्रावधान इस तरह की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम नहीं हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा