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SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! नए पोर्टल की मदद से आपका लोन रिस्ट्रक्चर होगा या नहीं घर बैठे करें चेक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोमवार को अपनी वेबसाइट में होम और ऑटो लोन जैसे रिटेल लोन की रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्‍च किया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: September 21, 2020 22:35 IST
Sbi Bank launches new loan emi scheme Portal for customers- India TV Paisa
Photo:INDIA TV

Sbi Bank launches new loan emi scheme Portal for customers

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोमवार को अपनी वेबसाइट में ही एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। SBI ने होम और ऑटो लोन जैसे रिटेल लोन की रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्‍च किया है। इस पोर्टल का मकसद छोटे कर्जदारों को उनके लोन की रीस्ट्रक्चरिंग के बारे में जानकारी मुहैया कराना है। इस पोर्टल के जरिए ग्राहक घर या ऑफिस में बैठकर या किसी भी जगह से अपनी सुविधानुसार लोन्स की रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं। एसबीआई ने RBI के निर्देशों के मुताबिक लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी पेश कर दी है। इसका मकसद कोविड-19 के असर से बैंक के खुदरा कर्जदारों को राहत देना है। 

रिस्‍ट्रक्‍चरिंग पात्रता जानने के लिए देना होगा आय का ब्‍योरा

ग्राहक बैंक के पोर्टल https://bank.sbi/ या https://sbi.co.in के जरिये घर बैठे पता कर सकेंगे कि उनका होम लोन या ऑटो लोन रिस्‍ट्रक्‍चर हो सकता है या नहीं। एसबीआई ने कहा कि इस पोर्टल के जरिये होम लोन, ऑटो लोन जैसे रिटेल लोन की रिस्ट्रक्चरिंग आसानी से हो सकेगी। ग्राहकों को लोन रिस्‍ट्रक्‍चर की पात्रता की जानकारी हासिल करने के लिए सिर्फ अपनी इनकम का ब्‍योरा देना होगा। बता दें कि, आरबीआई के लोन रिस्ट्रक्चरिंग फ्रेमवर्क के तहत वे कर्जदार लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए पात्र हैं, जिनके लोन अकाउंट स्टैंडर्ड श्रेणी में आते हैं। इसमें वे ग्राहक आएंगे जिन्‍होंने लोन पेमेंट में 1 मार्च 2020 तक 30 दिन या इससे ज्यादा का डिफॉल्ट नहीं किया है। साथ ही जिनकी आय पर कोरोना संकट का असर पड़ा है, वे भी इसके दायरे में आएंगे।

ऐसे कर सकते हैं पोर्टल के जरिए अपने लोन की रिस्‍ट्रक्‍चरिंग

  1. पोर्टल में लॉग इन करने के बाद एसबीआई के रिटेल ग्राहकों को खाता संख्या डालने के लिए कहा जाएगा।
  2. ओटीपी वैलिडेशन पूरा होने और कुछ जरूरी जानकारियां डालने के बाद ग्राहक को लोन रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर अपनी पात्रता का पता चल सकेगा, उसे एक रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा।
  3. यह रेफरेंस नंबर 30 दिन तक मान्य रहेगा और इस दौरान ग्राहक जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बैंक की शाखा जा सकता है।
  4. लोन रिस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और ब्रांच/सीपीसी में सिंपल डॉक्युमेंट के एग्जीक्यूशन के बाद पूरी होगी।
  5.  यही नहीं, ग्राहक इस पोर्टल के जरिये अपने लोन रिपेमेंट की अवधि बढ़ाने के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं।

रीस्ट्रक्चरिंग के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2020

SBI में रिटेल व डिजिटल बैंकिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर सीएस शेट्टी ने कहा कि रिटेल ग्राहक सिर्फ एक क्लिक में 1 से दो साल तक के लिए लोन मोरटोरियम का ऑप्शन चुन सकते हैं। कस्टमर्स चाहें तो टॉप अप लोन भी चुन सकते हैं। ग्राहक अपने लोन की रीस्ट्रक्चरिंग भी कर सकते हैं लेकिन यह हर ग्राहक के लिए अलग-अलग है। हर ग्राहक का आकलन उनकी होने वाली कमाई के आधार पर  किया जाएगा और उसी आधार पर लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा दी जाएगी। शेट्टी ने उम्मीद जताई कि इस पोर्टल के लॉन्च से ग्राहक लोन रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर बैंक ब्रांच में जाने से पहले घर बैठे आसानी से अपनी पात्रता चेक कर सकेंगे। लोन रिस्ट्रक्चरिंग के आवेदन को मंजूर कर लिए जाने की जानकारी ग्राहक को SBI ब्रांच/सीपीसी द्वारा भेज दी जाएगी। पोर्टल शुरू होते ही पहले ही दिन 3500 से ज्यादा रिटेल कस्टमर्स पोर्टल पर आए। इनमें से 111 ग्राहक रीस्ट्रक्चरिंग के लिए योग्य पाए गए। वहीं जो ग्राहक रीस्ट्रक्चरिंग का विकल्प चुनेंगे उन्हें सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.35 फीसदी ज्यादा ब्याज देना होगा। रीस्ट्रक्चरिंग के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2020 है।

पोर्टल के जरिए की जा सकती है मोरेटोरियम की रिक्‍वेस्‍ट

एसबीआई के इस पोर्टल के जरिए ग्राहक अपने लोन के मोरेटोरियम के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकेंगे। इसके तहत एक माह से लेकर 24 महीने तक के लिए मोरेटोरियम की रिक्वेस्ट की जा सकेगी। यही नहीं ग्राहक इस पोर्टल के जरिये अपने लोन रिपेमेंट की अवधि बढ़ाने के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आरबीआई ने बैंकों को अपने व्यक्तिगत ग्राहकों को लोन रिस्ट्रक्चरिंग का विकल्प देने की अनुमति दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को 15 सितंबर 2020 तक लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना शुरू करने के लिए कहा था।

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