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राज्य सरकारों ने 8 करोड़ लक्ष्य के विपरीत अबतक 2.51 करोड़ प्रवासियों को वितरित किया मुफ्त अनाज

खाद्य मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत कम लोगों को लाभ मिलने को योजना का कमजोर प्रदर्शन नहीं माना जाना चाहिए।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: August 19, 2020 9:23 IST
States distribute free grains to 2.51 crore migrants so far- India TV Paisa
Photo:FINANCIAL EXPRESS

States distribute free grains to 2.51 crore migrants so far

नई दिल्‍ली। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत अब तक आठ करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 2.51 करोड़ प्रवासी मजदूरों को ही मुफ्त अनाज वितरित किया है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अनाज का कम वितरण यह बताता है कि प्रवासी कामगारों की वास्तविक संख्या कम थी।

मंत्रालय ने कहा है कि यदि प्रवासी मजदूर अपने मूल निवास वाले राज्यों में लौट गए हैं तो वह पहले से ही राष्ट्रीय खाद्य सरक्षा कानून (एनएफएसए) या फिर राज्य की राशन कार्ड योजना के तहत खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं। खाद्य मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत कम लोगों को लाभ मिलने को योजना का कमजोर प्रदर्शन नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि आठ करोड़ प्रवासी का आंकड़ां वास्तविक लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए।

केंद्र सरकार ने मई मध्य में आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को पांच किलो खाद्यान्न और एक किलो चना मुफ्त वितरित करने की घोषणा की थी। यह सुविधा मई और जून दो माह के लिए आठ करोड़ प्रवासियों के लिए शुरू की गई। ऐसे प्रवासी मजदूर जिनके पास न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार का कोई राशन कार्ड है। योजना के तहत राज्यों को अनाज वितरण के लिए 31 अगस्त का समय दिया गया।

केंद्र ने इस योजना के तहत राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दो माह के लिए 8 लाख टन अनाज का आवंटन किया, लेकिन राज्यों ने इसमें से केवल 6.38 लाख टन अनाज ही उठाया। खाद्य मंत्रालय ने कहा कि 17 अगस्त तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 6.38 लाख टन अनाज में से राज्य अथवा संघ शासित प्रदेशों ने आत्मनिर्भर भारत याजना के तहत पहचान किए गए प्रवासियों और रास्ते फंसे प्रवासियों को 2.49 लाख टन (39 प्रतिशत) अनाज का ही वितरण कर पाए।

 मंत्रालय का कहना है कि यह वितरण हालांकि 31 अगस्त तक जारी रहेगा इसलिए हो सकता है कि कुछ और प्रवासियों को इस मुफ्त खाद्यान्न योजना का लाभ मिल जाएगा। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस योजना के तहत मुफ्त अनाज वितरण के अलावा कुछ राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर ने मार्च 2020 के बाद बिना राशन कार्ड वाले लोगों को नए राशन कार्ड भी जारी किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस दौरान 60- 70 लाख अतिरिक्त लोग भी योजना के दायरे में आए हैं।

ये लाग राज्य से बाहर होने के कारण पहले कार्ड धारक नहीं थे वापस लौटने पर उन्हें नए राशन कार्ड प्राप्‍त हो गए। इस संख्या को यदि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत लाभ पाने वाले 2.51 करोड़ प्रवासियों की संख्या में जोड़ दिया जाए तो मासिक आधार पर लाभ पाने वालों की वास्तविक संख्या 3.81 करोड़ तक पहुंच जाएगी।

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