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यस बैंक की दो साल में क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य

यस बैंक के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2020 के अंत में उसके क्रेडिट कार्ड बकायों की संख्या 8,16,208 थी, जिनका लेनदेन मूल्य 490.76 करोड़ रुपये था। यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 129.37 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ हुआ है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: December 13, 2020 21:16 IST
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Photo:FILE

यस बैंक की क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के यस बैंक के क्रेडिट कार्ड कारोबार के प्रमुख रजनीश प्रभु ने कहा कि बैंक अपने क्रेडिट कार्ड बिजनेस को एक प्रमुख ब्रांड की तरह तैयार करना चाहता है और उसका लक्ष्य इस खंड में अपने ग्राहकों की संख्या को अगले दो वर्षो में दोगुना करने का है। इसके साथ ही बैंक अगले दो वर्षों के दौरान इस कारोबार के आकार को चार गुना बढ़ाना चाहता है। रजनीश प्रभु ने कहा, ‘‘क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुछ व्यय कोविड से पहले के स्तर पर आ गया है। कुछ बैंकों ने 80-90 प्रतिशत का आंकड़ा दिया है, कुछ के लिए यह 90 प्रतिशत है, मेरा विश्वास है कि ज्यादातर सामान्य स्तर तक आ गए हैं। कुछ क्षेत्र अभी भी धीमे हैं, जहां सुधार 25-30 प्रतिशत हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि खानपान की जगह और होटलों में यह सुधार अभी भी धीमा है, लेकिन जब आप किराने की दुकान, सुपर मार्केट या उपयोगिता भुगतान और इलेक्ट्रॉनिक स्टोरों को देखते हैं, तो वहां बहुत अधिक सुधार दिखाई देता है।

प्रभु ने कहा कि कुल मिलाकर उद्योग अपने पैरों पर वापस खड़ा हो रहा है और ई-कॉमर्स ने अच्छी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में बैंक ने अगले दो वर्षों में अपने कारोबार को चार गुना बढ़ाने और ग्राहक आधार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। यस बैंक के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2020 के अंत में उसके क्रेडिट कार्ड बकायों की संख्या 8,16,208 थी, जिनका लेनदेन मूल्य 490.76 करोड़ रुपये था।

यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 129.37 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ हुआ है। बैंक को यह लाभ फंसे कर्ज में वृद्धि होने के बावजूद हुआ है। बैंक को साल भर पहले इसी तिमाही में 600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान बैंक की परिसंपत्ति की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गयी। बैंक की एकीकृत गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) साल भर पहले के 7.39 प्रतिशत से बढ़कर 16.9 प्रतिशत पर पहुंच गयी। शुद्ध एनपीए भी 4.35 प्रतिशत से बढ़कर 4.70 प्रतिशत हो गया।

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