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5G Auction: 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में रिलायंस जियो रही अव्वल, अडानी ने 5000 करोड़ की बोली लगाई

5G Auction: वोडाफोन-आइडिया ने करीब 18,500 करोड़ रुपये की बोली लगाई है, जबकि अडानी एंटरप्राइजेज की एक इकाई ने करीब 5,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।

Alok Kumar Edited By: Alok Kumar @alocksone
Published on: August 01, 2022 18:53 IST
Reliance Jio- India TV Hindi
Photo:PTI Reliance Jio

5G Auction: 5जी स्पेक्ट्रम की मेगा नीलामी सोमवार को समाप्त हो गई, जिसमें सात दिनों में 40 राउंड के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बोलियां मिलीं। इस दौरान रिलायंस जियो सबसे आगे रही। सूत्रों के मुताबिक, अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी में कुल 1,50,173 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम की बिक्री हुई है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, रिलायंस जियो ने 84,500 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई है, जबकि एयरटेल की बोली 46,500 करोड़ रुपये से अधिक की है।

वोडाफोन-आइडिया ने करीब 18,500 करोड़ की बोली लगाई

वोडाफोन-आइडिया ने करीब 18,500 करोड़ रुपये की बोली लगाई है, जबकि अडानी एंटरप्राइजेज की एक इकाई ने करीब 5,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। उत्तर प्रदेश ईस्ट सर्कल में 1800 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए जियो और एयरटेल जमकर बोली लगा रहे थे। प्राइमस पार्टनर्स के सह-संस्थापक और बोर्ड के सदस्य देवरूप धर ने कहा कि नीलामी इस बात का प्रमाण है कि उद्योग पहले से कहीं अधिक विस्तार करने के लिए तैयार है। धर ने कहा, "यही कारण भी है कि प्रमुख दिग्गज अंतत: 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए जा रहे हैं। 3,927 करोड़ रुपये प्रति यूनिट के लिए बैंड की 40 प्रतिशत कटौती ने बोलीदाताओं के लिए सहायता के रूप में काम किया।"

घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए  700 मेगाहर्ट्ज

विशाल 700 मेगाहर्ट्ज बैंड भारत जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को कवर करने के लिए बनाया गया है, जो वास्तव में इस बैंड से लाभान्वित होंगे और विस्तृत 5जी कवरेज प्राप्त करेंगे। धर ने कहा, "चूंकि बोली पिछली नीलामी की तुलना में काफी अधिक रही है, इसलिए उत्पन्न राशि से राजस्व में सकारात्मक वृद्धि होगी और भविष्य में सरकार को 5जी बुनियादी ढांचा स्थापित करने में मदद मिलेगी।" जबकि रिलायंस जियो के पास बंडल हैंडसेट और उनके निवेश के मामले में ऊपरी हाथ हो सकता है, अन्य उद्योग के दिग्गजों को भी उद्योग में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है। क्योंकि अध्ययनों के अनुसार, भारतीय उपभोक्ता 5 जी-बंडल के लिए 50 प्रतिशत अधिक भुगतान करने के इच्छुक होने का दावा करते हैं। इस बारे में बात करते हुए धर ने आगे कहा, "इसलिए, कंपनियों को अपने ग्राहकों को 5जी उपकरणों में अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहन खोजने की आवश्यकता है।"आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस साल अक्टूबर तक 5जी रोलआउट की उम्मीद है।

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