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Byju's को शेयरधारकों का मिला सपोर्ट, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसले पर नहीं जताई कोई आपत्ति

 Published : Mar 29, 2024 01:37 pm IST,  Updated : Mar 29, 2024 01:37 pm IST

बायजू ने राइट्स इश्यू के जरिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के लिए ईजीएम बुलाई थी। कोई भी नाराज निवेशक अपनी चिंताओं को उठाने के लिए ईजीएम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुआ।

नाराज निवेशकों में से किसी ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया।- India TV Hindi
नाराज निवेशकों में से किसी ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। Image Source : FILE

बायजू ब्रांड नाम से चलने वाली एजुटेक कंपनी की ओनर थिंक एंड लर्न को शेयरधारकों से सपोर्ट मिला है। शेयरधारकों ने शुक्रवार को हुई असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कंपनी से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। भाषा  की खबर के मुताबिक, बायजू के संस्थापक और परिवार को प्रबंधन पद से हटाने का प्रस्ताव रखने वाले नाराज निवेशकों में से किसी ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

20 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने का मामला

खबर के मुताबिक, मीटिंग सुबह 10 बजे शुरू हुई, जिसमें थिंक एंड लर्न प्रबंधन के साथ करीब 20 निवेशक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इससे ईजीएम के लिए जरूरी ‘कोरम’ पूरा हो गया। डाक मतपत्र के संबंध में कुछ प्रश्न पूछे गए और चेयरमैन और सीएस ने जवाब दिए। इसमें कोई आपत्ति नहीं उठाई गई। बायजू ने राइट्स इश्यू के जरिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के लिए ईजीएम (असाधारण आम बैठक) बुलाई थी।

चार निवेशकों ने एनसीएलटी का रुख किया था

चार निवेशकों प्रोसस, जनरल अटलांटिक, सोफिना और पीक XV के एक समूह ने टाइगर और आउल वेंचर्स सहित दूसरे शेयरधारकों के समर्थन के साथ बायजू की ईजीएम के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया था। इन छह निवेशकों के पास संयुक्त रूप से कंपनी की 32 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ ने 'थिंक एंड लर्न' की 29 मार्च को बुलाई गई असाधारण आम बैठक (एजीएम) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

किसी ने बहिष्कार नहीं किया

बायजू से जुड़े सूत्रों ने कहा, कोई भी नाराज निवेशक अपनी चिंताओं को उठाने के लिए ईजीएम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुआ। निवेशक पक्ष के एक सूत्र ने दावे का विरोध किया और कहा कि सभी निवेशकों के अधिकृत प्रतिनिधि ईजीएम में शामिल हुए थे। किसी ने इसका बहिष्कार नहीं किया। लोग या तो ईजीएम में या डाक के जरिए मतदान कर सकते हैं, इसलिए हमें 6 अप्रैल के बाद तक परिणाम नहीं पता चलेगा। बायजू के प्रस्ताव पर डाक मतपत्र के जरिए वोट करने का विकल्प छह अप्रैल को बंद हो जाएगा।

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