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Byju’s के कर्मचारियों को लगातार तीसरे महीने टाइम पर नहीं मिलेगी सैलरी, कंपनी ने इन पर लगाया इल्जाम

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 01, 2024 09:12 pm IST,  Updated : Apr 01, 2024 09:13 pm IST

Byjus March Salary : 27 फरवरी को NCLT ने कंपनी को राइट्स इश्यू से प्राप्त राशि को एक अलग एस्क्रो खाते में रखने का निर्देश दिया और निवेशकों द्वारा दायर मुकदमे के निपटारे तक धनराशि को वापस नहीं लेने का निर्देश दिया था।

बायजूस सैलरी देने में...- India TV Hindi
बायजूस सैलरी देने में करेगा देरी Image Source : REUTERS

Byju’s के कर्मचारियों को सैलरी के लिए इस महीने भी इंतजार करना पड़ेगा। कंपनी मार्च की सैलरी देरी से देगी। यह लगातार तीसरा महीना है, जब वित्तीय संकट से जूझ रही यह एडटेक कंपनी कर्मचारियों को वेतन भुगतान में संघर्ष कर रही है। कंपनी ने अपने वित्तीय संकट के लिए विदेशी निवेशकों को जिम्मेदार ठहराया है। कंपनी ने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा, 'कुछ विदेशी निवेशकों ने फरवरी के आखिर में एक अंतरिम आदेश प्राप्त कर लिया है, जिसने सफल राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए गए धन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है।' कंपनी का कहना है कि वह 8 अप्रैल तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक समानांतर लाइन ऑफ क्रेडिट को फॉलो कर रही है।

बायजूस ने ईमेल में क्या लिखा?

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईमेल में कहा गया, 'हम आज आपको भारी मन से लेकिन आशा और भरोसे के संदेश के साथ लिख रहे हैं। हमें आपको सूचित करते हुए खेद है कि वेतन के डिसबर्समेंट में फिर से देरी होगी ... 4 विदेशी निवेशकों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई ने हमें वेतन के वितरण को तब तक रोकने के लिए मजबूर कर दिया है, जब तक कि प्रतिबंध हटा नहीं दिया जाता है।'

राइट्स इश्यू से मिली रकम पर बैन हटने का इंतजार

ईमेल में कहा गया है, "हम आज आपको भारी मन से लेकिन आशा और भरोसे के संदेश के साथ लिख रहे हैं। हमें आपको सूचित करने का खेद है कि वेतन के वितरण में फिर से देरी होगी ... 4 विदेशी निवेशकों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई ने हमें वेतन के वितरण को तब तक रोकने के लिए मजबूर कर दिया है, जब तक कि प्रतिबंध हटा नहीं दिया जाता है। हमें भारतीय न्याय प्रणाली में पूरा विश्वास है और हम एक अनुकूल परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो हमें राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाए गए धन का उपयोग करने और वर्तमान में हम जिन वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें कम करने में सक्षम बनाएगा।"

जनवरी से ही टाइम पर सैलरी नहीं दे पा रही कंपनी

नकदी की कमी से जूझ रही बायजूस इस साल जनवरी से ही समय पर वेतन देने में संघर्ष कर रही है। कंपनी ने जनवरी की सैलरी फरवरी में दी थी। फरवरी में एक ईमेल में बायजू रवींद्रन ने लिखा था, 'मैं महीनों से वेतन का भुगतान करने के लिए बहुत जूझ रहा हूं.. और इस बार यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको समय पर आपका वेतन मिले, संघर्ष और भी बड़ा था।' कंपनी ने फरवरी के वेतन का एक हिस्सा कर्मचारियों को दे दिया है और कहा है कि राइट्स इश्यू फंड उपलब्ध होने पर शेष रकम का भुगतान किया जाएगा।

NCLT में है मामला

चार निवेशकों के एक ग्रुप - प्रोसस एनवी, जनरल अटलांटिक, सोफिना और पीक एक्सवी पार्टनर्स ने टाइगर ग्लोबल और ओएल वेंचर्स के समर्थन से बायजू के $22 बिलियन की हाई वैल्यूएशन के 99% के डिस्काउंट पर $200 मिलियन के राइट्स इश्यू के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का रुख किया था। 27 फरवरी को NCLT ने कंपनी को राइट्स इश्यू से प्राप्त राशि को एक अलग एस्क्रो खाते में रखने का निर्देश दिया और निवेशकों द्वारा दायर मुकदमे के निपटारे तक धनराशि को वापस नहीं लेने का निर्देश दिया था।

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